स्पार्क प्लग की जगह अब लेज़र

  • 25 अप्रैल 2011
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Image caption स्पार्क प्लग के आविष्कार को 150 साल हो गए हैं

शोधकर्ताओं का कहना है कि कारों में जल्दी ही स्पार्क प्लग की जगह लेज़र का उपयोग होने लगेगा.

'लेज़र्स एंड इलेक्ट्रो-ऑप्टिक्स' पर पहली मई को होने जा रहे एक सम्मेलन में शोधकर्ताओं का एक दल यह बताने जा रहा है कि उन्होंने ऐसा लेज़र उपकरण तैयार कर लिया है जो इंजन में ईंधन और हवा के मिश्रण में दहन शुरु करने का काम कर सकता है.

यह काम इस समय स्पार्क प्लग करता है.

शोधार्थियों का दावा है कि लेज़र के उपयोग से ईंधन की कार्यक्षमता बढ़ जाएगी क्योंकि लेज़र ईंधन और हवा के मिश्रण को ज़्यादा अच्छी तरह से जला सकेगा.

यह दल एक स्पार्क प्लग बनाने वाली कंपनी से बात कर रही है.

स्पार्क प्लग का आविष्कार हुए अब 150 वर्ष हो चुके हैं और इसकी जगह लेज़र के उपयोग का आइडिया नया नहीं है.

स्पार्क प्लग ईंधन के मिश्रण को सिर्फ़ वहीं पर जलाता है जहाँ चिंगारी पैदा होती है. इसमें एक कमी यह भी है कि स्पार्क प्लग का वह हिस्सा जहाँ चिंगारी पैदा होती है, धीरे-धीरे घट जाता है.

लेकिन एक छोटे लेज़र उपकरण के आविष्कार से स्पार्क प्लग की जगह लेज़र लगाए जाने का आइडिया कारगर होता दिख रहा है.

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रोमानिया और जापान के एक दल ने एक ऐसे उपकरण का प्रदर्शन किया है जो इंजन के सिलेंडर के भीतर दो या तीन ऐसी लेज़र किरणों छोड़ सकता है जो अलग-अलग गहराइयों तक जाए.

इसकी वजह से ईंधन मिश्रण का दहन पूरी तरह से हो जाएगा और किसी उपकरण के क्षतिग्रस्त होने का ख़तरा भी नहीं रहेगा.

हालांकि ये ज़रुरी होगा कि लेज़र से पर्याप्त ऊर्जा पैदा हो जैसा कि स्पार्क प्लग में होता है क्योंकि ईंधन मिश्रण को जलाने के लिए बहुत अधिक ऊर्जा की ज़रुरत होती है.

जापान के ओकाज़ाई में नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ नेचुरल साइंसेस के ताकुनोरी ताइरा का कहना है, "इससे पहले स्पार्क प्लग की जगह लगाए जाने के लिए जो लेज़र उपकरण पेश किए गए थे वे आधारभूत शोध पर आधारित थे और वे उपकरण बड़े, अक्षम और अस्थिर थे."

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Image caption शोधकर्ताओं का कहना है कि नया उपकरण लेज़र के ज़रिए पर्याप्त ऊर्जा पैदा करता है

उनका कहना है, "उन उपकरणों को इंजन से दूर भी नहीं लगाया जा सकता था क्योंकि सिलेंडर में भेजी जा रहीं लेज़र किरणों से आसपास की ऑप्टिक फ़ाइबर नष्ट हो सकती हैं."

लेकिन शोध दल इस समस्या से निपटने के लिए एक नया रास्ता अपना रहा है. इस दल ने सेरामिक पाउडर के स्पार्क प्लग के आकार के सिलेंडर का उपयोग किया है.

ये सेरामिक उपकरण अपने आपमें कारगर लेज़र का काम करते हैं. ये फ़ाइबर ऑप्टिक के ज़रिए भेजे गए कम क्षमता वाले लेज़र से ऊर्जा संचित करते हैं और फिर से इसे एक सेंकेंड के 800 करोड़ खरबवें अंतराल से उसे रिलीज़ करते हैं.

आमतौर पर उच्च क्षमता वाले लेज़र के लिए उपयोग में आने वाले नाज़ुक क्रिस्टल की तुलना में सेरामिक्स ज़्यादा मज़बूत होते हैं और वे इंजन के दहन कक्ष के तापमान को आसानी से सह सकते हैं.

ये दल अब इस तकनीक के व्यावसायिक उपयोग के बारे में एक बड़े वाहन उपकरण निर्माता डेंसो से बात कर रहे हैं.

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