तोते साथ-साथ काम करना पसंद करते हैं

Image caption तोते एक दूसरे के साथ काम कर पाए लेकिन भूमिका बदले जाने पर उन्हें मुश्किल हुई.

पैरिस में हुए एक शोध के मुताबिक कुछ पक्षी अकेले काम करना पसंद करते हैं और कुछ समूह में.

शोधकर्ताओं ने पक्षियों को कई काम दिए ताकि इन्हें देखकर ये समझा जा सके कि पक्षियों में एक दूसरे के साथ सहयोग करने की समझ है या नहीं.

‘ऐनिमल कॉग्निशन’ नाम की पत्रिका में छपे इस शोध में पाया गया कि स्लेटी रंग के अफ्रीकी तोते किसी परेशानी का समाधान करने में अपने व्यक्तित्व के विशिष्ट पहलुओं को उभार पाते हैं.

इसकी जांच करने के लिए शोधकर्तां ने जो तकनीक अपनाई, वो सबसे पहले समूह में काम करने में चिम्पान्ज़ी की दक्षता जांचने के लिए इस्तेमाल की गई थी.

अब इसी तरीके से हाथियों के एक दूसरे को सहयोग देने की क्षमता जांची जा रही है.

तोतों की परीक्षा हुई

वैज्ञानिकों ने जो कार्य प्रणाली तैयार की उसमें दो तोतों को एक रस्सी एक साथ खींचनी थी ताकि उससे बंधी तश्तरी उनके नज़दीक आ जाए और वो उसपर रखा खाना खा सकें.

शोधकर्ताओं की प्रमुख, डॉ डालिला बोवे ने बताया, “तोते आपस में सहयोग बना पाए, उन्हें समझ आया कि ये काम पूरा करने के लिए उन्हें एक सहयोगी की ज़रूरत है, जिसका उन्होंने इंतज़ार भी किया.”

सामूहिक कार्य का सिद्धान्त समझने की काबिलियत होने से ये अफ्रीकी तोते, जानवरों की एक उच्च श्रेणी का हिस्सा बन जाते हैं.

चिम्पान्ज़ी और हाथी जैसे जानवरों की श्रेणी जिनमें और जानवरों के मुकाबले पहचान करने, फैसले लेने और कारण समझने की ज़्यादा क्षमता होती है.

एक अन्य कार्य में एक तोते को एक छज्जे के ऊपर चढ़ना था ताकि दूसरा तोता तश्तरी खींच पाए. ये भी तोतों ने सामंजस्य बनाकर कर दिखाया.

शोध में हिस्सा लेनेवाले तोतों के हाव-भाव देखकर शोधकर्ताओं ने कहा कि दिए गए कार्य को हर तोते ने अपने व्यक्तित्व और दूसरे तोतों के साथ अपने रिश्ते के मुताबिक अलग तरीके से किया.

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