मेढक के प्रोटीन से कैंसर का इलाज

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Image caption वैक्सी मंकी मेढक से होगा इलाज

ब्रिटेन के वैज्ञानिकों के एक दल को 70 से ज़्यादा बीमारियों के इलाज में मेढक से मिले प्रोटीन के इस्तेमाल पर रिसर्च के लिए पुरस्कृत किया गया है.

बेलफ़ास्ट के क्वीन्स स्कूल ऑफ़ फ़ार्मेसी के प्रोफ़ेसर क्रिस शॉ के नेतृत्व वाले दल ने मेढकों की त्वचा में दो प्रोटीनों की पहचान की है जो धमनियों के विकास को नियंत्रित करती है. इसका आधुनिक चिकित्सा प्रणाली में कई तरह से इस्तेमाल हो सकता है.

इस अध्ययन के लिए सोमवार को लंदन में आयोजित एक समारोह में उनकी टीम को मेडिकल फ़्यूचर्स इनोवेशन अवार्ड प्रदान किया गया.

प्रोफ़ेसर शॉ की टीम ने 'वैक्सी मंकी' मेढक प्रजाति की त्वचा में ऐसे प्रोटीन की पहचान की जो धमनियों के विकास को रोकती है. वैज्ञानिकों का कहना है कि इस प्रोटीन के ज़रिए कैंसर ट्यूमर को ख़त्म किया जा सकेगा.

दरअसल कैंसर ट्यूमर जब बढ़ रहा होता है तो एक समय के बाद वह धमनियों को भी अपने में समाहित कर लेता है ताकि उसे ऑक्सीजन और पोषक तत्वों की आपूर्ति होती रहे.

प्रोफ़ेसर शॉ कहते हैं, "ट्यूमर के साथ जुड़ी धमनियों का विकास रोकने से न सिर्फ़ ट्यूमर का विस्तार रोका जा सकेगा बल्कि अंतत: उसका ख़ात्मा भी किया जा सकेगा."

दो प्रोटीनों का विविध उपचारों में उपयोग

प्रोफ़ेसर शॉ के अनुसार इस विधि के इस्तेमाल से कैंसर को एक जानलेवा बीमारी से दीर्घावधि की बीमारी में बदला जा सकेगा.

प्रोफ़ेसर शॉ की टीम ने एक दादुर की त्वचा में भी एक प्रोटीन की पहचान की है जो धमनियों के विकास को तेज़ करती है.

इस विशेष प्रोटीन का उपयोग दुर्घटनाग्रस्त लोगों के उपचार में और ऑपरेशन के दौरान किया जा सकेगा.

इन दो प्रोटीनों के आगे चल कर दर्जनों अन्य बीमारियों के उपचार में इस्तेमाल की भी संभावनाएँ व्यक्त की गई हैं.

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