अटलांटिस ऐतिहासिक उड़ान पर रवाना

अटलांटिस इमेज कॉपीरइट AP
Image caption अटलांटिस ने केप केनेवरल अंतरिक्ष केंद्र से 33वीं बार उड़ान भरी

अमरीका का अंतरिक्ष यान अटलांटिस अपनी अंतिम यात्रा पर रवाना हो गया है.

ये पिछले 30 साल से जारी अमरीकी अंतरिक्ष यानों के अभियान में किसी यान की 135वीं और अंतिम उड़ान है.

अटलांटिस ने स्थानीय समय के हिसाब से दिन के ठीक 11 बजकर 29 मिनट पर फ़्लोरिडा के केप केनेवरल स्थित केनेडी अंतरिक्ष केंद्र से उड़ान भरी.

अटलांटिस से 12 दिन की यात्रा पर गए चार यात्री अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर साढ़े तीन टन वज़न के सामानों की आपूर्ति करेगा.

अटलांटिस की वापसी के साथ ही अमरीकी अंतरिक्ष यानों का अभियान पूरी तरह समाप्त हो जाएगा और अटलांटिस को दो अन्य यानों – डिस्कवरी और एंडेवर – की तरह संग्रहालय में रख दिया जाएगा.

अमरीकी अंतरिक्ष यानों के अभियान की समाप्ति के बाद अंतरिक्ष यात्रा करनेवालों को रूसी अंतरिक्ष यानों पर निर्भर होना पड़ेगा.

साथ ही अमरीका अगली पीढ़ी के नए अंतरिक्ष यानों को विकसित करने की भी तैयारी कर रहा है.

अंतिम उड़ान

अटलांटिस की 33वीं और अंतिम उड़ान की उल्टी गिनती पूरी होने के कोई आधे मिनट पहले अचानक गिनती रोक दी गई.

ऐसा यान के पथ में एक उपकरण के टुकड़े के हटा लिए जाने की पुष्टि करने के लिए किया गया.

बाद में नियंत्रकों के संतुष्ट हो जाने के बाद उड़ान शुरू किए जाने की अनुमति दे दी गई.

अटलांटिस के उड़ान की तिथि पहले ही घोषित कर दी गई थी लेकिन इस पूरे सप्ताह ख़राब मौसम के कारण यान के समय पर उड़ान भर पाने को लेकर संदेह बना हुआ था.

अटलांटिस की अंतिम यात्रा का साक्षी बनने के लिए लाखों लोग अंतरिक्ष केंद्र के आस-पास जमा थे और उसके उड़ान भरते ही वहाँ जश्न का माहौल बन गया.

हालाँकि अटलांटिस को उड़ते हुए बमुश्किल चंद सेकेंड ही देखा जा सका क्योंकि तेज़ गति से उड़ता अटलांटिस देखते-देखते बादलों को चीरकर नज़रों से ओझल हो गया.

अटलांटिस रविवार को निर्माणाधीन अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर पहुँच जाएगा.

संबंधित समाचार