प्लास्टिक के दिल ने जान बचाई

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Image caption पैपवर्थ अस्पताल में हुआ ये ऑपरेशन छह घंटे चला

ब्रिटेन के कैंब्रिज शहर में दिल की बीमारी से ग्रस्त एक 40 वर्षीय व्यक्ति को प्लास्टिक का नकली दिल लगाने के बाद घर जाने दिया जा रहा है.

ऑपरेशन के बाद मैथ्यू ग्रीन के दिल की जगह प्लास्टिक इंप्लांट लगा दिया गया और अब उन्हें घर जाने दिया जा रहा है, जहाँ वह हृदय प्रतिरोपण का इंतज़ार करेंगे.

ब्रिटेन में पहली बार ऐसा हुआ है जबकि एक रोगी को नकली दिल के साथ घर जाने दिया गया जबकि बाक़ी अन्य देशों में ऐसे 900 ऑपरेशन हो चुके हैं.

पैपवर्थ अस्पताल के सर्जन स्टीवन सुई ने बताया कि हृदय प्रतिरोपण ऑपरेशन के लिए ग्रीन को जितना इंतज़ार करना था उतना वह बिना प्लास्टिक के दिल के नहीं कर पाते.

लंबा इंतज़ार

सुई के अनुसार, "एक समय में हमारे यहाँ लगभग 30 लोग हृदय प्रतिरोपण के लिए इंतज़ार करते हैं और उनमें से एक तिहाई को एक साल से ज़्यादा समय तक इंतज़ार करना पड़ता है."

उन्होंने बताया, "मैथ्यू की हालत काफ़ी तेज़ी से बिगड़ रही थी, ऐसे में हमने उनसे इस तरह के नकली दिल के बारे में बात की क्योंकि इसके बिना वह सही डोनर के मिलने का इंतज़ार नहीं कर पाते."

एक बेटे के पिता ग्रीन एरिथमोजेनिक राइट वेंट्रीक्यूलर कार्डियोमायोपैथी से ग्रस्त थे जिसमें दिल काम करना बंद कर सकता है और कभी-कभी अचानक मौत भी हो जाती है.

बेहतर स्थिति

उनकी सेहत पिछले कुछ वर्षों में गिरती गई है जिस वजह से सिवाय हृदय प्रतिरोपण उनके पास कोई और विकल्प नहीं था.

सुई को उम्मीद है कि ग्रीन जल्दी ही घर जा सकेंगे और ऑपरेशन से पहले उनकी जो हालत थी अब उससे बेहतर स्थिति में होंगे. इस बीच उनके लिए उपयुक्त दानकर्ता ढूँढ़ा जाएगा जिससे उनके हृदय का प्रतिरोपण हो सके.

ग्रीन ने पैपवर्थ के स्टाफ़ के लोगों को धन्यवाद दिया और कहा, "दो साल पहले मैं नौ मील तक साइकिल चलाकर काम पर जाता था और फिर नौ मील चलाकर लौटता था मगर जब मुझे अस्पताल में भर्ती किया गया उस समय तक मेरे लिए कुछ क़दम चलना भी दूभर हो गया था."

ग्रीन अब पीठ पर एक बस्ता लादकर चलेंगे जिसमें उनके नए दिल को चलाने वाली मशीन लगी होगी.

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