ओबामा ने की प्रदूषण नियमों की अनदेखी

Image caption शहरों के प्रदूषण को लंबे समय तक झेलने वालों के रक्तचाप में वृद्धि हो सकती है.

व्यापार और उद्योग संगठनों को राहत देते हुए अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने हवाई प्रदूषण को रोकने के लिए सुझाए गए नियमों के प्रस्ताव को पूरी तरह नकार दिया है.

इसकी वजह है कि हवाई प्रदूषण को रोकने के लिए बनाए जाने वाले नियम लागू से व्यापार संगठनों पर आर्थिक बोझ बढ़ने का ख़तरा था और अमरीकी अर्थव्यवस्था की खस्ता हालत को देखते हुए ओबामा फिलहाल ये नहीं चाहते.

ओबामा ने पर्यावरण सुरक्षा एजेंसी (ईपीए) से कहा है कि वो ओज़ोन की परत को सुरक्षित रखने के लिए ज़रूरी नियमों का प्रस्ताव फ़िलहाल टाल दें.

ओबामा ने कहा कि उनके इस क़दम से व्यापारिक संस्थाओं का बोझ कम होगा और अर्थव्यवस्था की रुकावटें दूर होंगी.

फै़सले की आलोचना

जहां एक ओर व्यापारिक संगठनों ने इसका स्वागत किया है वहीं पर्यावरणविदों ने इस फैसले की आलोचना की है.

वॉशिंगटन स्थित बीबीसी संवाददाता मार्कस जॉर्ज का कहना है कि ओबामा का ये क़दम दिखाता है कि पिछले महीने रोज़गार के क्षेत्र में कोई बढ़ोत्तरी न होने के आंकड़े को वो कितनी गंभीरता से ले रहे हैं.

नए नियमों के प्रस्ताव को लेकर ईपीए का कहना था कि इससे अर्थव्यवस्था पर लगभग 90 अरब डॉलर का सालाना बोझ पड़ेगा. इन नियमों का विरोध कर रहे लोगों का कहना था कि ये खर्च और ज़्यादा होगा.

हालांकि इन नियमों के अमल में आने से स्वास्थ्य खर्च में 100 अरब डॉलर की कमी आने की भी संभावना थी. इसके अलावा ईपीए का कहना था कि ये नियम फेंफड़ों की बीमारियों से हर साल होने वाली 12,000 से ज़्यादा असामयिक मौतों को भी कम कर सकते हैं.

इस फैसले के बारे में संवाददाताओं को जानकारी देते हुए ओबामा प्रशासन ने कहा कि ये फैसला ज़रूरत के आधार पर लिया गया है न कि व्यापार और उद्योग संगठनों के दबाव में.

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