कहाँ गिरेगा अमरीका का सैटेलाइट?

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Image caption यूएआरएस का ईंधन वर्ष 2005 में ख़त्म हो गया था

अमरीकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने उस सैटेलाइट के बारे में और जानकारियाँ उपलब्ध करवाई हैं, जो अगले 24 घंटों में धरती पर गिरने वाला है.

नासा का कहना है कि इस सैटेलाइट का ज़्यादातर हिस्सा वायुमंडल में प्रवेश करने के बाद जलकर नष्ट हो जाएगा.

लेकिन उसने चेतावनी दी है कि फिर भी इस सैटेलाइट के 20 से अधिक टुकड़े धरती पर गिरेंगे, जिनका कुल वज़न पाँच सौ किलोग्राम तक हो सकता है.

चूंकि धरती का ज़्यादातर हिस्सा पानी और बंजर धरती से ढँका हुआ है, नासा का कहना है कि इसके आसार कम ही हैं कि इससे किसी को नुक़सान पहुँचेगा.

नासा का कहना है कि इसके किसी व्यक्ति पर गिरने के आसार 3200 में से एक है.

नियंत्रण से बाहर

नासा के पास अभी भी इसकी ठोस जानकारी नहीं है कि ये सैटेलाइट वायुमंडल में किस स्थान से प्रवेश करेगा.

उसका कहना है कि उन्होंने एक अनुमान लगाया है कि ये कहाँ गिर सकता है लेकिन इस अनुमान से सही होने की संभावना सिर्फ़ 10 प्रतिशत होती है क्योंकि एक बार वायुमंडल में प्रवेश करने के बाद उसकी दिशा और गति बहुत सी अन्य चीज़ों पर निर्भर करती है.

नासा के अनुसार ये सैटेलाइट 400 से 500 किलोमीटर के दायरे में गिर सकता है.

ये अमरीकी सैटेलाइट 'यूएआरएस' को 1991 में अंतरिक्ष में स्थापित किया गया था और इसका उद्देश्य वातावरण का अध्ययन करना था.

लेकिन वर्ष 2005 में इसका ईंधन ख़त्म हो गया था और अब वो नासा के नियंत्रण से बाहर है.

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