115 साल की महिला की जीन का रहस्य खुला

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Image caption जीन पर शोध से लंबी उम्र का राज़ पता लगाया जा रहा है.

वैज्ञानिकों ने एक 115 साल की औरत के पूरे डीएनए अनुक्रम को एक साथ जोड़ने में सफलता हासिल की है.

हॉलैंड के वैज्ञानिकों ने एक शोध में पाया कि ये महिला अपनी मौत के वक्त दुनिया की सबसे उम्रदराज़ इंसान थी लेकिन उसका दिमाग़ बीसियों साल छोटे लोगों के बराबर था.

इस महिला की पहचान ज़ाहिर नहीं की गई है और उसे डब्ल्यू 115 का नाम दिया गया है.

कनाडा में हुए एक सम्मेलन में रखे गई इस रिपोर्ट में ये भी बताया गया कि उस महिला में बुढापे की बीमारी डेमेंशिया का नामोनिशां नहीं था.

रिपोर्ट में ये सुझाया गया है कि उसके जीन में इस बीमारी से लड़ने की ताक़त थी.

लंबी उम्र की शोध में मदद

एक ब्रितानी वैज्ञानिक ने बताया कि इस विषय पर और शोध से पता चल सकेगा कि कुछ लोग क्यों लंबी उम्र की जीन के साथ पैदा होते हैं.

'डब्ल्यू 115' ने अपना शरीर को चिकित्सा विज्ञान के लिए दान में दे दिया था. डॉक्टरों ने उसके मस्तिष्क और अन्य अंगों का अध्ययन करके उसका आनुवांशिक कोड तैयार किया.

शोधकर्ताओं के मुताबिक महिला के डीएनए में कुछ ख़ास बदलाव देखे गए हैं.

एमस्टर्डम के वीयू चिकित्सा केंद्र के डॉ. हेन होल्स्टीज के मुताबिक, "उनके दिमाग़ में अल्ज़ाइमर का कोई असर नहीं था. उनके शरीर में कुछ तो ज़रूर होगा जिससे उन्हें इस रोग़ से बचाया होगा. हमें लगता है कि कुछ जीन ऐसे हैं जो लंबी उम्र के लिए मददग़ार होते हैं."

डब्ल्यू 115 की कहानी

डब्ल्यू 115 का जन्म समय से पहले हुआ था और उनके बचने की उम्मीद कम थी. लेकिन उन्होंने लंबी और स्वस्थ जिंदगी बिताई और 105 साल की उम्र में वृद्ध-गृह में रहने आई.

113 साल की उम्र में उनकी मानसिक प्रवीणता की परीक्षा ली गई जिसमें पाया गया कि उनका दिमाग़ 60-75 साल की महिला की तरह चल रहा था.

इस रिपोर्ट पर टिप्पणी देते हुए कैंब्रिज के सैंगर सेटर के डॉ. जैफ्री बैरेट ने बताया, "दुनिया की सबसे उम्रदार महिला की जीनोम की श्रृंखला जोड़ना एक महत्वपूर्ण शुरुआत है ये जानने के लिए कि डीएनए में परिवर्तन किस तरह आयु को प्रभावित करता है."

उनका ये मानना है कि पूरी तरह से इस प्रक्रिया को समझने में लाखों लोगों की डीएनए को पढ़ना होगा.

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