इंसानों के बीच हिंसा का 'सबसे पुराना' किस्सा

Image caption गहरी चोट के बावजूद यह इंसान बच गया था

चीन में एक बहुत पुरानी खोपड़ी मिली है जिस पर लगी चोट इंसानों के बीच हिंसा का सबसे पुराना सुबूत हो सकता है.

यह शख्स डेढ़ लाख से दो लाख साल पहले ज़िंदा था और इसके दांईं कनपटी पर गहरे चोट के निशान मिले हैं.

वैज्ञानिकों का मानना है कि शायद यह चोट फेंक कर मारी गई किसी चीज़ से लगी थी.

अभी यह पता नहीं है कि यह इंसान नर था या मादा थी.

अमरीका के एक जर्नल में यह रिपोर्ट प्रकाशित हुई है.

पहला मामला

इस रिपोर्ट के सह लेखक और वाशिंगटन विश्वविधालय के प्रोफ़ेसर एरिक ट्रिंकॉस कहते हैं, "इंसानों को लगी चोटों की इससे पहले के मामलों की भी जानकारी हमें है. लेकिन मेरी जानकारी में यह पहला मामला है जिसे हम कह सकते हैं कि एक इंसान को किसी दूसरे इंसान ने ललकारा हो."

यह खोपड़ी दक्षिणी चीन के माबा की गुफ़ाओं से 1958 में मिली थी.

प्रोफ़ेसर ट्रिंकॉस एक अंतरराष्ट्रीय दल के सदस्य हैं जिन्होंने इस खोपड़ी की नए सिरे से जाँच की है.

प्रोफ़ेसर बताते हैं कि हथियार के रूप में किसी नुकीले पत्थर से इस तरह की चोट लग सकती है और ऐसा लगता है कि निशाना लगाकर ये हथियार मारा गया होगा.

हालांकि शोधकर्ता इस बात से भी इनकार नहीं करते कि यह चोट किसी दुर्घटना में लगी हो, लेकिन इस बात की संभावना कम है.

"ये लोग कठिन ज़िदगी जीते थे और शिकार के दौरान भी जानवरों से मुठभेड़ होती थी. हम शिकार के दौरान लगी किसी चोट से इनकार नहीं सकते लेकिन इसकी संभावना ज़्यादा है कि चोट किसी फेंकी हुई चीज़ से लगी हो."

गहरी चोट

शोधकर्ता बताते हैं कि इस चोट से माबा मनुष्य को कुछ समय के लिए विस्मरण हो गया होगा.

लेकिन इस चोट के बाद भी वह कई हफ़्तों या महीनों तक ज़िदा था जो उसके जीवित रहने की तीव्र प्रवृति को दर्शाता है.

शोधकर्ता यह भी जानकारी देते हैं कि उस वक्त के समाज में लोगों को एक दूसरे से काफ़ी समर्थन मिलता था. माबा मनुष्य का उस गहरी चोट के बाद भी ज़ख्म भर जाना इसी बात की ओर इशारा करता है.

ट्रिंकॉस कहते हैं, "वो एक दूसरे पर हमले करते थे, उनमें झगड़ा होता था और उनके पास हथियार भी होते थे. लेकिन इस सबके बीच वो एक दूसरे की मदद भी करते थे."

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