ऑस्ट्रेलिया में घातक दिमाग़ी ज्वर

  • 2 जनवरी 2012
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Image caption दिमाग़ी बुख़ार का असर तंत्रिका पर भी होता है जो जानलेवा साबित हो सकता है.

देश के सबसे अधिक आबादी वाले प्रदेश न्यू साउथ वेल्स की मुर्गियों में वॉयरस पाए जाने के बाद, ऑस्ट्रेलिया में स्वास्थ्य अधिकारियों ने 'मरे वैली' दिमाग़ी बुख़ार के फैलने की संभावना की चेतावनी दी है.

यह वॉयरस ऑस्ट्रेलिया के सुदूर उत्तर-पश्चिमी इलाक़ों में ज़्यादा पाया जाता है. हालांकि भारी बारिश और गर्म मौसम के बाद कभी-कभी यह वॉयरस घनी आबादी वाले दक्षिण-पूर्व इलाकों में भी पाया गया है.

बारिश और गर्म मौसम मच्छरों को प्रजनन में मदद करता है जो इस बीमारी को फ़ैलाते हैं.

जानलेवा

यह वॉयरस आमतौर पर मुर्गियां को प्रभावित करता है लेकिन लोग भी इसकी चपेट में आ सकते हैं. हालांकि इस वॉयरस से इंसानों की मौत के मामले क़म सामने आए हैं.

न्यू साउथ वेल्स में सेंटर फॉर हेल्थ प्रोटेक्शन के निदेशक डॉक्टर जेरेमी मैकअनॉल्टी का कहना है कि बहुत क़म मरीज़ों में इस वॉयरस के लक्षण नज़र आते हैं.

उनका कहना है कि इस वॉयरस की वज़ह से आमतौर पर बुख़ार, सिरदर्द और उल्टी की शिक़ायत होती है लेकिन मामला बिगड़ने पर यह दिमाग़ी बुख़ार की शक़्ल भी ले लेता है और लोग कोमा में भी जा सकते हैं.

उनका कहना है कि इस वॉयरस की वज़ह से जिन लोगों में दिमाग़ी बुख़ार के लक्षण नज़र आते हैं, उनमें से लगभग एक तिहाई के लिए यह जानलेवा भी हो सकता है.

इतना ही नहीं, संक्रमण की वज़ह से तंत्रिका संबंधी दीर्घकालीन समस्याएं भी पैदा हो सकती हैं. जो लोग नदियों के आसपास या नम इलाक़ों में रहते हैं या वहां आते-जाते हैं, उन्हें इस वॉयरस की चपेट में आने का ख़तरा ज़्यादा होता है.

न्यू साउथ वेल्स में स्वास्थ्य अधिकारियों के पास इस वॉयरस की जानकारी के लिए एक तरह की चेतावनी प्रणाली है जिसके तहत मुर्गियों को उन इलाक़ों में रखा जाता है जहां मरे वैली दिमाग़ी बुख़ार की आशंका ज़्यादा होती है.

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