बूढ़ा शरीर सुधरती नींद

नींद
Image caption नींद मापने के कई यंत्र हैं लेकिन इस शोध में लोगों से सीधे सवाल पूछे गए

अमरीका में शोध से पता चला है कि आम मान्यता के विपरीत उम्र बढ़ने के साथ नींद की गुणवत्ता खराब नहीं होती बल्कि सुधर जाती है.

अमरीका में एक 150000 वयस्क लोगों के बीच किए गए एक सर्वेक्षण में पता लगा है कि उम्र के चौथे दशक को छोड़ कर उम्र के साथ नींद की गुणवत्ता उम्र के साथ बेहतर होती जाती है.

स्लीप जर्नल नाम की विज्ञान पत्रिका के हिसाब से उम्र के आठवें दशक में चल रहे लोग ज़्यादा बेहतर नींद लेते हैं.

इसी तरह से ब्रिटेन में एक नींद पर शोध करने वाले विज्ञानी का कहना है कि खराब स्वास्थ्य की वजह से हो सकता है कि नींद प्रभावित हो लेकिन बढ़ती उम्र अकेले खराब नींद का कोई कारण नहीं है.

कई विश्वविद्यालयों के पास नींद की अवधि और उसमें आई बाधाओं को नापने के लिए यंत्र हैं. लेकिन ज़रूरी नहीं कि जिन लोगों पर मशीनों के ज़रिये प्रयोग किए गए हैं उनके उत्तर भी मशीनों के आंकड़ों से मेल खाते हों.

सीधे सवाल

यह शोध अमरीका में पेन्सिल्वेनिया विश्वविद्यालय के सेंटर फॉर स्लीप एंड सर्केडीयन न्यूरोबायोलॉजी ने अपने सर्वेक्षण के तहत बहुत बड़ी तादाद में लोगों से उनकी नींद के बारे में सवाल पूछे.

लोगों से उनकी नस्ल, आमदनी, शिक्षा, मूड और सामान्य स्वास्थ्य के बारे में सवाल किए गए.

लोगों की खराब नींद का ताल्लुक उनके मूड से व अन्य स्वास्थ्य समस्याओं से पाया गया. लेकिन जब इन कारणों को हटा करा नींद का विश्लेषण किया गया तो परिणाम अलग निकले.

शोध में उन्होंने पाया कि दरअसल उम्र बढ़ने के साथ लोगों की नींद की गुणवत्ता को लेकर शिकायतें कम होती गईं हैं. इसमें केवल उम्र के चौथे दशक में चल रहे लोग ही कुछ अलग थे.

'सोच से उलट'

डॉ माइकल गार्डनर का कहना है कि जब यह शोध शुरू किया गया था तब यह इस बात की पुष्टी करने के लिए था कि उम्र के साथ नींद खराब होती जाती है. गार्डनर ने कहा,"परिणामों ने हमें बुजुर्ग लोगों में नीद के सवाल पर फिर से सोचने को मजबूर किया है."

गार्डनर ने कहा कि यह भी हो सकता है कि बुजुर्ग लोग दरअसल उतना अच्छे से नहीं सो रहे हों लेकिन इसके बारे में उल्टी बात मानते हों.

सरे स्लीप रिसर्च सेंटर के निदेशक और स्लीप और फिजियोलॉजी के प्रोफ़ेसर ड्रेक जेन जिक को यह शोध रोचक लगता है.

वो कहते हैं कि इस शोध से नींद को लेकर चल रहे मिथकों को दूर करने में मदद मिलेगी. जिक ध्यान दिलाते हैं कि,"जब आप लोगों से उनकी नींद के बारे में सवाल पूछते हैं तो उनके उत्तर इस बात पर निर्भर करते हैं कि उस समय उनका मूड कैसा है. अगर उस समय उनके बॉस ने उनका वेतन बढाया है तो उनका उत्तर सकारात्मक होगा और नहीं बढ़ाया तो नकारात्मक होगा."

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