ज्यादा जाम छलकाते हैं अधेड़

  • 10 मार्च 2012
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Image caption कई दिनों बाद शराब पीने के लिए बहाने तलाशना आसान है, लेकिन ज्यादातर लोग ये नहीं जानते कि ऐसा करने पर वे कहीं ज्यादा शराब पी जाते हैं

ब्रिटेन में लोगों की जीवनशैली पर किए गए सर्वेक्षण से संकेत मिला है कि 45 साल से ज्यादा उम्र वाले लोगों में अपने से कम उम्र के लोगों के मुकाबले रोजाना ज्यादा शराब पीने की लत हो सकती है.

पैंसठ वर्ष या इससे ज्यादा उम्र वाले 22 प्रतिशत से अधिक पुरुष लगभग हर दिन शराब पीते हैं. इसी तरह 16 से 24 वर्ष के लगभग तीन प्रतिशत युवा हर रोज मदिरापान करते हैं.

राष्ट्रीय सांख्यिकी सर्वेक्षण के अधिकारियों ने ब्रिटेन के 13,000 से ज्यादा लोगों का अध्ययन करके ये निष्कर्ष निकाला है.

वहीं विशेषज्ञों की सलाह है कि हफ्ते में तीन दिन ऐसे होने चाहिए जब आप शराब को हाथ भी न लगाएं.

जनरल लाइफस्टाइल सर्वे 2010 में लोगों की शराब पीने और धूम्रपान करने समेत कई आदतों को शामिल किया गया है.

सर्वेक्षण में पाया गया कि 54 प्रतिशत वयस्क हफ्ते में कम से कम एक बार शराब जरूर पीते हैं. वहीं 26 प्रतिशत वयस्क हफ्ते में दो से ज्यादा बार मदिरापान करते हैं.

सर्वेक्षण में ये भी पाया गया कि वयस्कों की उम्र जैसे-जैसे बढ़ती जाती है, वे पहले से ज्यादा शराब पीने लगते हैं.

महिलाएं भी पीछे नहीं

ब्रिटेन में रहने वाली 65 वर्ष या इससे ज्यादा उम्र की लगभग 12 प्रतिशत महिलाएं कमोबेश हर रोज शराब पीती हैं.

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Image caption विशेषतज्ञ कहते हैं कि महिलाओं को हर दिन दो-तीन पैग से ज्यादा शराब नहीं पीना चाहिए

वहीं 16 से 24 आयुवर्ग की लड़कियों में से बस एक प्रतिशत हर दिन जाम छलकाती हैं.

स्त्री-पुरुषों को मिला दिया जाए तो 16-24 आयुवर्ग के दो प्रतिशत लोग, 25-44 आयुवर्ग के पांच प्रतिशत लोग, 45-64 आयुवर्ग के 10 प्रतिशत लोग और 65 या इससे ज्यादा आयु वाले 16 प्रतिशत ब्रितानी लोगों ने साल 2010 में हर दिन शराब का सेवन किया.

ब्रिटेन की सरकार कहती है कि पुरुषों को हर दिन तीन-चार पैग से ज्यादा और महिलाओं को दो-तीन पैग से ज्यादा शराब नहीं पीना चाहिए.

हालांकि कम उम्र के वयस्कों में रोजाना शराब पीने की आदत कम पाई गई, लेकिन सर्वेक्षण में ये भी पाया गया कि वे जब पीते हैं तो जमकर पीते हैं और इस मामले में अपने से ज्यादा उम्र वालों को पीछे छोड़ देते हैं.

मर्द बनाम औरत

सर्वेक्षण में ये भी पाया गया कि महिलाओं के मुकाबले पुरुषों में हर दिन शराब पीने की प्रवृत्ति ज्यादा होती है.

आंकड़े कहते हैं कि लगभग 16 प्रतिशत पुरुष हफ्ते में पांच या छह दिन शराब पीते हैं जबकि ऐसा करने वाली महिलाओं का प्रतिशत 10 प्रतिशत है.

Image caption जनरल लाइफस्टाइल सर्वे में कहा गया है कि ब्रिटेन में धूम्रपान का चलन कम हुआ है

हर दिन की बात करें तो छह प्रतिशत महिलाओं के मुकाबले 12 प्रतिशत पुरुष रोजाना शराब पीते हैं.

औसतन 67 प्रतिशत वयस्क हफ्ते में कम से कम तीन दिन शराब नहीं पीते हैं.

वैसे इस वर्ष की शुरूआत में रॉयल कॉलेज ऑफ फिजिशियंस ने कहा था कि लोगों को हफ्ते में दो से तीन दिन शराब बिल्कुल नहीं पीना चाहिए.

शराब के बाद जब धूम्रपान की बात आई तो लाइफस्टाइल-सर्वे में पाया गया कि सिगरेट पीने की लत पहले के मुकाबले कम हुई है.

पता चला कि वर्ष 2010 में 20 प्रतिशत वयस्क धूम्रपान करते थे जबकि चार दशक पहले वर्ष 1974 में ये आंकड़ा 45 प्रतिशत था.

लेकिन धूम्रपान करने वाले उन लोगों का अनुपात बढ़ गया जो कश लगाने के लिए अपनी सिगरेट खुद बनाते हैं.

साल 1990 में ऐसे लोग 18 प्रतिशत थे जबकि वर्ष 2010 में उनकी संख्या बढ़कर 39 प्रतिशत हो गई.

मध्यम वर्ग का सच

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Image caption विशेषज्ञों का कहना है कि शराब पीने की वजह से मध्यमवर्ग के लोगों में ह्रदय और लीवर संबंधी बीमारियां बढ़ रही हैं

'अल्कोहल कन्सर्न' के मुख्य कार्यकारी एरिक एप्पलबी कहते हैं कि जनरल लाइफस्टाइल सर्वे के नए आंकड़े शराब पीने वाले मध्यम वर्ग के बारे में एक छुपे सच को उजागर करते हैं.

वे कहते हैं, ''45 साल से अधिक के लोग हर दिन शराब पीते हैं. इनमें जो पेशेवर लोग हैं, वो ज्यादा पीते हैं, खासतौर पर महिलाएं.''

वे कहते हैं, ''युवाओं में शराब पीने की आदत कम हो रही है. लेकिन मध्यमवर्ग के अधेड़ लीवर में गड़बड़ी, दिल का दौरा और कैंसर जैसी बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं जिनकी ओर उनका ध्यान नहीं जा रहा है.''

शराब पीने के खतरों के प्रति आगाह करने वाले एक संगठन ड्रिंकल अवेयर के क्रिस सोरेक कहते हैं, ''कई दिनों के बाद शराब पीने के लिए बहाने तलाशना आसान होता है, लेकिन ज्यादातर लोग ये नहीं जानते कि ऐसा करने पर वे आमतौर पर कहीं ज्यादा शराब पी जाते हैं.''

वे कहते हैं, ''तय मात्रा से ज्यादा शराब पीने से स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ता है, नींद गड़बड़ा जाती है, वजन बढ़ जाता है. कैंसर, दिल और लीवर संबंधी बीमारियां हो जाती हैं जिनका पता ही नहीं चलता है.''

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