ज्यादा रेड मीट खाने से कम हो सकती है उम्र

Image caption आहार विशेषज्ञ कहते हैं कि रेड मीट को सही तरीके से पकाया जाए और सही मात्रा में ही खाया जाए

रेड मीट ज्यादा खाने से उम्र कम हो सकती है, ये कहना है हॉवर्ड मेडिकल स्कूल के शोधकर्ताओं का.

शोधकर्ताओं ने एक लाख 20 हजार से ज्यादा लोगों पर शोध करके ये नतीजा निकाला है कि रेड मीट खाने की वजह से कैंसर और ह्रदय से जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है.

जो लोग रेड मीट खाए बिना नहीं रह सकते, उनके लिए मछली और चिकन जैसे विकल्प सुझाए गए हैं जो इस खतरे को कम करते हैं.

ब्रिटिश हार्ट फाउंडेशन का कहना है कि संतुलित आहार के तौर पर रेड मीट खाया जा सकता है.

ठीक से पकाओ

मुख्य शोधकर्ता डॉक्टर रोजमेरी लियोनार्ड का कहना है कि रेड मीट ज्यादा खाने के साथ जो खतरा जुड़ा है, वो एकदम स्पष्ट है.

वे कहते हैं कि रोजमर्रा के भोजन में रेड मीट की थोड़ी ज्यादा मात्रा भी जान का जोखिम 13 प्रतिशत तक बढ़ा देती है.

इसकी वजह से दिल की बीमारियां होने की आशंका 18 प्रतिशत तक बढ़ जाती है. कैंसर का खतरा भी 10 प्रतिशत बढ़ जाता है.

प्रोसेस्ड रेड मीट के मामले में इन खतरों का प्रतिशत और बढ़ जाता है.

शोधकर्ताओं का कहना है कि रेड मीट में संतृप्त वसा पाई जाती है, वो दिल का दौरा पड़ने का खतरा बढ़ा देती है. साथ ही पकाने के दौरान इस्तेमाल होने वाला नमक खून पर असर के जरिए ह्रदय संबंधी अन्य बीमारियों को न्योता देता है.

ब्रिटिश हार्ट फॉउंडेशन की आहार-विशेषज्ञ विक्टोरिया टेलर कहती हैं, ''संतुलित आहार के तौर पर रेड मीट फिर भी खाया जा सकता है, लेकिन मीट को सही तरीके से काटें और सही विधि से पकाएं.''

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