भारी स्कूली बस्ते से पीठ दर्द

  • 19 मार्च 2012
स्कूली बच्चे
Image caption विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चों को बैग में वहीं चीजे रखनी चाहिए जिसकी उनको जरूरत हो.

स्पेन में स्कूली बच्चों पर किए गए एक शोध में पता चला है कि भारी बस्तों का बच्चों में पीठ दर्द की शिकायत से सीधा संबंध है.

आर्काइव ऑफ डिसीस इन चाइल्डहुड में छपे नतीजों के अनुसार शोध में शामिल कई स्कूली बच्चों के बस्ते अत्यधित वजनी थे. इस शोध में 1403 स्कूली बच्चो ने हिस्सा लिया था.

शोधकर्ताओं का कहना है कि स्कूली बच्चों को ऐसी कोई भी चीज नहीं उठानी चाहिए जिसका भार उनके शरीर के वजन के 10 फीसदी से ज्यादा हो.

आंकड़े उत्तरी स्पेन के 11 स्कूलों से जुटाए गए, जिसमे भाग लेने वाले बच्चों की उम्र 12 से 17 साल तक थी. शोध में पाया गया कि करीब दो-तिहाई बच्चों के बस्ते उनके वजन के 10 फीसदी से ज्यादा के भार के थे.

बच्चों के वजन और बस्ते के भार के अनुपात पर किए गए शोध में पाया गया कि भारी बस्ते की वजह से बच्चों को साल में कम से कम 15 दिन पीठ दर्द होता है.

पीठ दर्द

शोध में भाग लेने वालों को उनके बस्ते के वजह के अनुसार चार दलों में बांटा गया था. भारी बस्ते वाले दलों के बच्चों ने हल्के बस्ते वालो के अनुपात में 50 फीसदी ज्यादा बच्चों ने पीठ दर्द की शिकायत की.

रिपोर्ट के अनुसार स्कूल जाने वाली लड़कियों में ये समस्या ज्यादा गंभीर है और उम्र बढ़ने के साथ ही पीठ दर्द का खतरा बढ़ता जाता है.

शोधकर्ताओं ने कहा, ''शोध में पाया गया कि कई बच्चे इतना भारी बस्ता लेकर स्कूल जाते है जितना काम पर जाने वाले लोग भी नहीं ले जाते.''

समाजसेवी संस्था बैक केयर के सीन मैकडुगल ने कहा, ''ब्रिटेन में औसतन हर बच्चा अपनी वजन के 15 से 20 फीसदी भार का बस्ता उठाकर स्कूल जाता है. ज्यादातर तो एक ही कंधे पर बैग टांग लेते है.''

मैकडुगल का कहना है कि बच्चों को बैग में वहीं चीजे रखनी चाहिए जिसकी उनको जरूरत हो.

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