अधिक बैट्री खाते हैं मुफ़्त के ऐप्स

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Image caption कई दूसरे गेमों की तरह ऐंग्री बर्ड्स गेम में भी विज्ञापनों से कमाई की जाती है

मुफ़्त में मिलने वाले ऐप्स मोबाइल फ़ोन की बैटरी अधिक खाते हैं.

एक नए अध्ययन में कहा गया है कि ऐसे मुफ़्त के ऐप्स जो कि किन्हीं और उत्पादों के विज्ञापनों को डिस्प्ले करते हैं, उनसे अच्छी ख़ासी बैटरी ख़र्च होती है.

इस शोध में एक विशेष टूल से एंड्रॉयड और विन्डोज़ फ़ोनों पर चलने वाले कई ऐप्सों को चलाने में बैटरी के ख़र्च का अध्ययन किया गया.

शोध के निष्कर्ष से पता चलता है कि एक मामले में तो एक ऐप की 75 प्रतिशत बैटरी उसके विज्ञापनों को ही चलाने में ख़र्च हो गई.

इस शोध की रिपोर्ट लिखनेवाले शोधकर्ता अभिनव पाठक ने बताया कि ऐप निर्माताओं को बैटरी की समुचित खपत के बारे में गंभीरता से विचार करना चाहिए.

दरअसल मुफ़्त में मिलनेवाले ऐप्स के भीतर ही विज्ञापन होते हैं जिनसे कि डेवलपर बिना ऐप के लिए पैसे लिए कमाई कर सकते हैं.

अभिनव पाठक ने बीबीसी से कहा कि डेवलपरों को किसी तीसरी पार्टी के विज्ञापनों को शामिल करने से पहले दोबारा सोचना चाहिए.

ये शोध अमरीका की पर्ड्यू युनिवर्सिटी की एक टीम ने किया जिसने ऐंग्री बर्ड्स और फ़ेसबुक जैसे लोकप्रिय ऐप्स की पड़ताल की.

ऐपल के मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम में पाबंदियों के कारण शोधकर्ता आईफ़ोन की जाँच नहीं कर सके.

कोई रास्ता नहीं

शोध के दौरान ऐप्सों को थ्री-जी कनेक्शन पर चलाया गया.

पाया ये गया कि कई ऐप्स सूचनाओं को डाउनलोड करने के 10 सेकेंड बाद तक कनेक्शन बंद नहीं करते.

ऐंग्री बर्ड्स ऐप्स में इस छोटे से समय में ही ऐप को चलाने में लगी पूरी ऊर्जा की एक चौथाई ऊर्जा ख़र्च होती है.

बेलफ़ास्ट स्थित ऐप डेवेलपर एकलिप्टिक लैब्स के निदेशक क्रिस मैक्क्लेलैंड का कहना है कि वे इन परिणामों से कतई चकित नहीं हैं.

उन्होंने कहा,"विज्ञापन के समय सर्वर से जुड़ना होता है और स्थान के बारे में सूचना भेजनी होती है, इसमें काफ़ी बैटरी ख़र्च होती है."

उन्होंने कहा कि यदि लोग मुफ़्त के ऐप्स का मज़ा लेना चाहते हैं तो ऐसी दिक्कतों से बचना मुश्किल है जिसमें कि विज्ञापनों के कारण बैटरी अधिक ख़र्च होती हो.

हालाँकि उनका कहना है कि डेवलपरों को नए फ़ीचरों को बनाते समय ऊर्जा बचत के बारे में और ध्यान अवश्य देना चाहिए.

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