चाँद पर गए पहले अभियान के इंजन खोजे गए

  • 29 मार्च 2012
Image caption अपोलो 11 मिशन 1969 में मनुष्यों का पहली बार चाँद पर ले गया था

चाँद की ओर भेजे गए अपोलो-11 अभियान से अलग हुए पांच इंजनों को समुद्र के भीतर 4.3 किलोमीटर नीचे खोज निकला गया है.

यह आदमी जेफ बेजोस है जो कि दुनिया की सबसे बड़ी ई कॉमर्स कंपनी अमेज़न के संस्थापकों में से एक है.

अपने ब्लॉग पर जानकारी देते हुए बेजोस का कहना है कि इन इंजनों को पानी के भीतर सतह से करीब 4.3 किलोमीटर नीचे पाया गया है. इन इंजनो को अत्याधुनिक सोनार स्कैनिंग की मदद से खोजा गया है.

बेजोस एक अरबपति आदमी हैं और उन्हें अन्तरिक्ष उड़ानों में बेहद रूचि है. बेजोस का कहना है कि वो इन इंजनों में एक या उससे अधिक को पानी से बाहर निकाल कर लाने की योजना बना रहे हैं.

अपोलो अभियान

अपोलो 11 मिशन 1969 में मनुष्यों को पहली बार चाँद पर ले गया था. इस मिशन में सैटर्न पांच नाम के विशालकाय रॉकेट का इस्तेमाल किया गया था. इस रॉकेट में यह एफ-1 इंजन लगे हुए थे.

इन्हीं इंजनों की मदद से यह रॉकेट पृथ्वी के वातावरण के बाहर चाँद की तरफ गया था.

यह इंजन महज़ कुछ मिनट चले थे उसक बाद पृथ्वी पर कहीं अटलांटिक महासागर के भीतर गिर गए थे.

बेजोस की घोषणा के चंद रोज़ पहले हॉलीवुड के फिल्म निर्देशक जेम्स कैमरून पृथ्वी में सबसे ज़्यादा गहरे स्थान पर समुद्र की गहराईयों तक गए थे.

संग्रहालय को उम्मीदें

बेजोस इन इंजनों आधुनिक अजूबे कहते हैं. यह एफ 1 इंजन 32 लाख हॉर्सपावर क्षमता वाले हैं और यह हर सेकण्ड 2720 किलोग्राम रॉकेट स्तर का केरोसीन और लिक्विड ऑक्सीजन जलाते थे.

बेजोस जो इन इंजनों को पानी से निकलने का खर्च भी वहां करेगें. वो चाहते हैं कि इन इंजनों की मालिक नासा से उन्हें अनुमति मिल जाये कि वो इन इंजनों को एक संग्रहालय में रख सकें. बेजोस का यह संग्रहालय अमरीका के सीएटल शहर में है.

अपोलो 11 अभियान से जुडी अन्य चीज़ें वाशिंगटन के स्मिथसोनियन नेशनल एयर एंड स्पेस म्यूजियम में रखे हुए हैं.

नासा का कहना है कि वो इन इंजनों को बाहर लाने से जुडी और ख़बरों का इंतज़ार कर रहे हैं.

बेजोस इन इंजनों को बाहर निकलने के अलावा नासा के साथ मिल कर और अन्तरिक्ष में सब ऑरबिट तक जा सकने वाला ऐसा यान बनाने की कोशिशों में लगे हैं जिसे व्यवसायिक रूप से चलाया जा सके.

संबंधित समाचार