तेज़ चलने से दूर हो सकता है अवसाद

Image caption अवसाद से छुटकारा पाने के लिए सिर्फ कड़े व्यायाम ही लाभदायक नहीं हैं, बल्कि सामान्य रूप से घुमना-फिरना भी काफी लाभदायक है

अगर आप अवसाद-डिप्रेशन से पीड़ित हैं तो परेशान न हों. इस बीमारी से बचने के लिए आपको दवा नहीं, व्यायाम की जरूरत है.

स्कॉटलैंड के शोधकर्ताओं ने अपने शोध में बताया है कि अगर तेज गति से पैदल चला जाए तो अवसाद से मुक्ति मिल सकती है.

शोध में यह पहले ही साबित हो चुका है कि कड़ी मेहनत करके अवसाद को खत्म किया जा सकता है. लेकिन कम श्रमसाध्य क्रिया से भी इसका असर हो सकता है, यह अभी तक स्पष्ट नहीं था.

'मेंटल हेल्थ एंड फिजिकल एक्टिविटी' में प्रकाशित शोध पत्र में बताया गया है कि टहलने से कैसे “इतना असरकारी” प्रभाव पड़ सकता है.

शोध पत्र ने कहा है कि 10 में से एक व्यक्ति कभी न कभी अवसाद की चपेट में जरूर रहा होगा. शोध में यह भी कहा गया है कि डॉक्टर दवा देकर अवसाद का इलाज तो करते ही हैं, इससे निजात पाने के लिए घूमने-टहलने का भी सुझाव देते हैं.

स्टर्लिंग विश्वविद्यालय के शोधार्थियों ने पाया कि अवसाद का इलाज टहलने से हो सकता है. शोधकर्ताओं ने पाया कि 341 रोगियों में से आठ रोगियों को घूमने-टहलने से लाभ हुआ है.

टहलना है इलाज

शोधकर्ताओं ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि घूमना-टहलना किसी भी श्रमसाध्य व्यायाम से कम लाभदायक नहीं है.

उनका कहना है, “टहलने का लाभ यह है कि इसे सभी लोग करते हैं, इसमें खर्चा नहीं के बराबर है और इसे दैनिक क्रिया में आसानी से शामिल किया जा सकता है.”

हालांकि शोधकर्ताओं ने सलाह दी है कि इस विषय पर और अधिक शोध किए जाने की जरूरत है. उनके अनुसार अभी तक इसका अध्ययन नहीं हुआ है कि कितना तेज, कितनी देर और कहां घूमने-फिरने से इसका लाभ मिलता है.

एक्सटर विश्वविध्याल में अवसाद, तनाव और आदतों का अध्ययन करनेवाले प्रोफेसर एडरियन टेलर का कहना है, “घूमने-टहलने की विशेषता यही है कि इसे हर इंसान करता है.”

प्रोफेसर टेलर के अनुसार अवसाद जैसे मानसिक बीमारी में घूमने फिरने से लाभ होता है.

टेलर का यह भी कहना है कि किस रूप के व्यायाम से अवसाद में मदद मिलती है यह अभी तक स्पष्ट नहीं है. उन्होंने कहा कि व्यायाम से कष्ट निवारण में इसलिए मदद मिलती है क्योंकि इस अवसाद से पीड़ित लोगों का ध्यान दूसरी तरफ चला जाता है और वे अच्छा महसूस करने लगते हैं.

घुमने से होते हैं स्वस्थ्य

मेंटल हेल्थ चैरिटी माइंड ने अपने शोध में कहा है कि बाहर में घूमने-फिरने से लोग मानसिक रूप से स्वस्थ्य महसूस करते हैं.

मेंटल हेल्थ चैरिटी माइंड के मुख्य कार्यकारी पॉल फार्मर का कहना है, “बाहर में घूमने-टहलने के लिए यह जरूरी है कि आप यह तय करें कि आपको कौन सा व्यायाम पसंद है और किसे आप नियमित रूप से कर सकते हैं. इसके अलावा आपको अलग-अलग व्यायाम करते रहना चाहिए जैसे साइकिल चलाना, बागवानी या फिर पानी में जल-क्रीड़ा.”

पॉल फार्मर का कहना है कि अगर आप किसी दूसरे व्यक्ति के साथ व्यायाम करते हैं तो इसका ज्यादा सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है, क्योंकि इससे सामाजिक तंत्र भी विकसित होता है.

संबंधित समाचार