कागज बताएगा आपका ब्लड ग्रुप

इमेज कॉपीरइट Getty
Image caption किसी व्यक्ति का ब्लड ग्रुप पता करने में गल्तियों के गंभीर परिणाम हो सकते हैं.

अगर आपने लेखिका जेके रॉलिंग की हैरी पॉटर श्रृंखला पढ़ी है, तो आपको उस डायरी की याद जरूर आएगी, जो 'खुद ही लिखती' है. इसी डायरी से प्रेरित होकर शोधकर्ताओं ने ऐसा कागज बनाया है, जो व्यक्ति का ब्लड ग्रुप बताता है.

ऑस्ट्रेलिया के मोनाश विश्वविद्यालय में शोधकर्ताओं की टीम ने कागज पर आधारित सेंसर विकसित किया है जो व्यक्ति का ब्लड ग्रुप शब्दों में लिखता है.

इस सेंसर से गैर-विशेषज्ञों को नतीजों का विश्लेषण करने में मदद मिल सकती है, खासकर आपात स्थिति और मानवीय आपदाओं में.

अध्ययन अंगवांडटे केमि नाम के जरनल में छपा है.

ये सेंसर रक्त के एबीओ वर्गीकरण पर आधारित है, जिसके तहत रक्त को ए, बी, एबी, और ओ वर्गों में बांटा जाता है. साथ ही रक्त को आरएच पॉजीटिव और आरएच नेगेटिव में भी वर्गीकृत किया जाता है.

एबीओ वर्गीकरण में ए या बी वर्ग से पता चलता है कि लाल रक्त कोशिकाओं में कौन से एंटीजन मौजूद हैं.

उदाहरण के लिए अगर किसी का ब्लड ग्रुप ए है तो उसमें ए एंटीजन मौजूद होंगे, एबी ब्लड ग्रुप वाले व्यक्ति की लाल रक्त कोशिकाओं में ए और बी दोनों ही एंटीजन और ओ ग्रुप वाले व्यक्ति में कोई भी एंटीजन नहीं होगा.

ज्यादा सस्ता और तेज

इस शोध का नेतृत्व कर रहे मोनाश विश्वविद्यालय के प्रोफेसर वेई शेन ने बीबीसी को बताया कि अक्सर घर पर रक्त परीक्षण करने वाले लोग या फिर विकासशील क्षेत्रों में विशेषज्ञ रक्त के वर्गीकरण में गलती कर देते हैं और इन गलतियों के गंभीर परिणाम हो सकते हैं.

इमेज कॉपीरइट Monash University
Image caption इस कागज पर ब्लड ग्रुप अक्षर खदु-ब-खुद दिखाई देने लगते हैं.

प्रोफेसर शेन ने बताया, "हमने पाया कि 80 प्रतिशत से ज्यादा आबादी नतीजे ठीक से समझ नहीं पाती. लेकिन ये यंत्र, जो लोगों का लिखित में रक्त ग्रुप दिखाएगा, इससे लोग ज्यादा आसानी से अपना ब्लड ग्रुप का पता लगा पाएंगे."

इस सेंसर की दुनिया भर के अस्पतालों और पैथोलॉजिकल प्रयोगशालाओं में इस्तेमाल हो रही रक्त वर्गीकरण तकनीकों के साथ तुलना करने पर शोध टीम ने पाया कि ये सेंसर न सिर्फ उन तकनीकों जितने ही सही हैं बल्कि उनसे ज्यादा सस्ते और इस्तेमाल में ज्यादा आसान और तेज.

प्रोफेसर वेई शेन का कहना है कि इन कारणों से ये सेंसर विकासशील क्षेत्रों के लिए सबसे सही है.

शोध से जुड़े एक और वैज्ञानिक, डॉ. जॉन ब्रेनन कहते हैं, "मुझे लगता है कि इस तरह की ब्लड ग्रुप बताने वाली कागज की पट्टियां ऐसी स्थितियों में इस्तेमाल हो सकती हैं जहां तुरंत जल्द-से-जल्द खून चढ़ाने की जररूत होती है, जैसे लड़ाई के मैदान या सड़क दुर्घटनाओं में. ऐसे मौकों पर बिल्कुल सही ब्लड ग्रुप बताने वाले ऐसे कागजी सेंसर बहुत महत्वपूर्ण होंगे."

सेंसर की संरचना

इस यंत्र में कागज के छोटे टुकड़े से बना एक सेंसर लगा होता है. सेंसर पर हाइड्रोफोबिक यानी पानी को दूर करने वाली कोटिंग है लेकिन ये कोटिंग चार 'खिड़कियों' पर नहीं लगाई गई, जिससे वो पानी सोख सकती हैं.

सेंसर के हर हिस्से का आकार अलग है. उदाहरण के लिए, एक हिस्सा 'ए' की तरह है और दूसरा 'बी' के आकार में. इन हिस्सों को एंटीबॉडी से भरा जाता है जो लाल रक्त कोशिकाओं के साथ परस्पर क्रिया करते हुए, ब्लड ग्रुप के हिसाब से, गुच्छा बना लेती हैं.

जब ए ब्लड ग्रुप की एंटीबॉडी वाले कागज के हिस्से पर ए ग्रुप के रक्त की बूंद पड़ती है, तब लाल रक्त कोशिकाएं गुच्छा बना लेती हैं और कागज के रेशों में चिपक जाती हैं जिससे 'ए' अक्षर दिखाई देता है.

संबंधित समाचार