निजी यान की अंतरिक्ष उड़ान टली

  • 19 मई 2012
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अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर पहली बार निजी क्षेत्र की एक कंपनी के अंतरिक्ष यान से सामग्रियाँ भेजने का अभियान फिलहाल तकनीकी कारणों से टाल दिया गया है.

अमरीकी राज्य कैलिफोर्निया की एक कंपनी – स्पेस एक्स – के एक मानवरहित यान – ड्रैगन – को आधा टन भारी सप्लाई लेकर अंतरिक्ष यात्रा पर जाना था.

ड्रैगन को अमरीका के फ्लोरिडा राज्य में स्थित केप केनेवरल एयर फोर्स स्टेशन से रवाना किया जाना था.

मगर उड़ान के ऐन पहले इसे लेकर जानेवाले रॉकेट - फाल्कन 9 - के इंजिनों को बंद कर दिया गया.

बताया जा रहा है कि रॉकेट के नौ इंजिनों में से एक में दबाव काफी अधिक पाया गया.

नासा के अनुसार अब बुधवार को दोबारा इस यान के प्रक्षेपण का प्रयास किया जा सकता है.

स्पेस एक्स के अध्यक्ष ग्वाइन शॉटवेल ने कहा है कि अभी ये अभियान नाकाम नहीं हुआ है और ये एक ऐतिहासिक अभियान होगा.

उन्होंने कहा,"इससे पहले केवल चार देशों या देशों के समूहों ने अपने यानों को अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर भेजा है - अमरीका, यूरोप, रूस और जापान. तो हम ये मौका दिए जाने से अभिभूत हैं."

इस अभियान को एक महत्वपूर्ण घटना बताया जा रहा है क्योंकि पहली बार कोई निजी यान सामग्रियाँ लेकर अंतरिक्ष स्टेशन रवाना होनेवाला था.

इससे पहले अंतरिक्ष स्टेशन के लिए सामग्रियाँ आम तौर पर सरकारी अंतरिक्ष केंद्रों, अमरीकी एजेंसी नासा या यूरोपीय एजेंसी ईएसए, के यानों से भेजा जाता रहा है.

भविष्य

स्पेस एक्स के यान की उड़ान को वैसे एक प्रायोगिक प्रदर्शन कहा जा रहा है मगर ये अभियान अमरीका के आगामी मानव अंतरिक्ष अभियानों को जारी रखने की दिशा में एक बड़े परिवर्तन को चिह्नित करेगा.

स्पेस एक्स तथा एक अन्य कंपनी, ऑरबाइटल साइंसेज़ कॉर्प, को अंतरिक्ष स्टेशन पर भोजन सामग्रियाँ और उपकरण आदि पहुँचाने के लिए अरबों डॉलर का ठेका दिया गया है.

दूसरी कंपनी इस साल बाद में अपने ऐन्टारेस रॉकेट से साइग्नस नामक यान को अंतरिक्ष स्टेशन भेजने की तैयारी कर रही है.

सामान भेजने की इस नई व्यवस्था का उद्देश्य ये है कि अमरीकी एजेंसियाँ सामान भेजने की चिन्ता छोड़, पृथ्वी से आगे, मंगल आदि के अभियानों के बारे में ध्यान केंद्रित करे.

नासा के व्यावसायिक अंतरिक्ष यान विकास कार्यक्रम के कार्यकारी निदेशक फिल मैकेलिस्टर ने कहा,"हमें लगता है कि अब समय आ गया है कि अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर माल पहुँचाने का काम निजी क्षेत्र को सौंप दिया जाए क्योंकि इसकी लागत कम होगी और इस बचत को नासा आगे के अभियानों पर खर्च कर सकेगी."

यात्रा

फाल्कन रॉकेट से भेजा जानेवाला स्पेस एक्स का ड्रैगन यान प्रक्षेपण के 10 मिनट के भीतर, धरती से 300 किलोमीटर ऊपर रॉकेट से अलग हो जाएगा.

इसके बाद ये यान अपने सौर पैनलों को खोलेगा और अपनी दिशा निर्धारक व्यवस्था की जाँच करेगा जिसके बाद ये अंतरिक्ष स्टेशन पर जाने के लिए अपने थ्र्स्टर्स को चालू करेगा.

यदि सबकुछ सही रहता है तो ड्रैगन तीन दिन के भीतर अंतरिक्ष स्टेशन से जुड़ जाएगा.

पहले गए रूसी और यूरोपीय मालवाहक यानों को अंतरिक्ष स्टेशन पर खुद उतरना होता था.

मगर ड्रैगन स्टेशन के 10 मीटर नीचे जाकर खड़ा हो जाएगा जिसके बाद अंतरिक्ष स्टेशन पर मौजूद अंतरिक्ष यात्री एक रोबोट चालित हाथ से उसे ऊपर खींच लेंगे.

इसके बाद अंतरिक्ष स्टेशन के अंतरिक्ष यात्री ड्रैगन से भेजी गई सामग्रियों की खेप को उतार लेंगे.

ये उड़ान नासा के आगामी अंतरिक्ष अभियानों की दिशा तय करेगी. नासा के अंतरिक्ष यानों के अभियान के पिछले वर्ष समाप्त हो जाने के बाद अमरीका को अपने अंतरिक्ष यात्रियों को भेजने के लिए रूसी सोयूज़ यानों का सहारा लेना पड़ रहा है जिसकी हर सीट के लिए छह करोड़ डॉलर से अधिक का शुल्क देना पड़ता है.

स्पेस एक्स का कहना है कि उसका यान 2015 तक अंतरिक्ष यात्रियों को लेकर जा सकता है और इसका किराया केवल दो करोड़ डॉलर बैठेगा.

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