विज्ञापन को हटाने वाले टीवी बॉक्स पर विवाद

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Image caption कंपनियों को डर है कि अगर दर्शक विज्ञापन नहीं देखेंगे तो उनकी आय का मुख्य स्रोत सूख जाएगा.

अमरीका में एक ऐसे सेट टॉप बाक्स पर कानूनी विवाद शुरु हो गया है जिससे दर्शक विज्ञापनों को बिना देखे रिकार्ड किए गए टीवी कार्यक्रम देख सकते हैं.

अमरीका के तीन ब्रॉडकास्टर, फॉक्स, एनबीसी और सीबीएस, ने इसे बनाने वाली कंपनी डिश नेटवर्क के खिलाफ मुकदमा दायर किया है ताकि दर्शक विज्ञापनों को देखें.

दूसरी ओर डिश नेटवर्क ने अलग से मुकदमा दायर किया है ताकि अदालत विज्ञापन छोड़ने को जायज करार दे.

कंपनियों को डर है कि अगर दर्शक विज्ञापन नहीं देखेंगे तो उनकी आय का मुख्य स्रोत सूख जाएगा.

डिश नेटवर्क ने हौपर डिजिटल वीडियो रिकार्डर को इस साल के शुरु में लॉंच किया था.

दस मई को उसने इसमें 'ऐड-हॉप' नाम की एक और विशेषता जोड़ दी. इससे दर्शक उन सभी कार्यक्रमों के विज्ञापनों को छोड़ सकते हैं जो उन्होंने रिकार्ड किए हैं.

'गैर-कानूनी'

टीवी नेटवर्कों ने अलग अलग मुकदमें दायर किए हैं और उनकी दलील है कि विज्ञापनों को इस तरह से बाहर करना गैर-कानूनी है क्योंकि यह कापीराईट किए गए कार्यक्रम का अनाधिकृत संस्करण होगा.

अपने मुकदमें में फॉक्स ने दावा किया है कि बिना विज्ञापन के कार्यक्रम को दिखाना पुनप्रसारण करना होगा जो कि डिश का उनकी कंपनी के साथ किए गए करार का उल्लंघन है.

फॉक्स के प्रवक्ता स्कॉट गोगिन ने कहा है कि इसकी इजाजत देने से टीवी की मूल प्रसारण प्रणाली नष्ट हो सकती है.

अमरीका के टीवी नेटवर्क विज्ञापनों से आने वाली आय पर निर्भर करते हैं. साल 2017 तक दुनिया में विज्ञापन पर कुल खर्च 200 अरब डॉलर को छू लेगा.

नेटवर्कों के दावों को खारिज करते हुए डिश ने अदालत से कहा है कि वो फैसला करे कि हौपर डीवीआर किसी कापीराइट का उल्लंघन नहीं करता.

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