दिल के लिए धूप सेकें, मछली खाएं

  • 28 मई 2012
Image caption विश्व स्वास्थ्य संगठन का कहना है कि दुनिया भर में लोगों को ह्रदय रोग, स्ट्रोक और कैंसर जैसी बीमारियों होने का खतरा पहले से अधिक है

अमरीकी शोधकर्ताओं का कहना है कि शरीर में विटामिन-डी की कमी होने पर दिल का दौरा पड़ने का खतरा बढ़ सकता है.

विशेषज्ञों का कहना है कि इंसानों की त्वचा सूर्य के प्रकाश के संपर्क में आने पर विटामिन-डी कुदरती तौर पर बनाती है. इसके अलावा मछली में भी विटामिन-डी प्रचुर मात्रा में पाई जाती है.

हवाई यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं का कहना है कि जिन लोगों में विटामिन-डी की कमी होती है, उन्हें दिल का दौरा पड़ने का खतरा अपेक्षाकृत अधिक होता है.

शोधकर्ताओं का कहना है कि विटामिन-डी की कमी के कारण मस्तिष्क में दौड़ते खून की गति थम सकती है जो दिल का दौरा पड़ने का सबब बन सकता है.

बढ़ती उम्र के साथ

शोधकर्ताओं ने ये निष्कर्ष 7,500 लोगों पर 34 वर्ष तक किए अध्ययन के आधार पर निकाला है.

शोध दल के एक प्रमुख सदस्य डॉक्टर गोटारो कोजिमा का कहना है कि ज्यादा उम्र होने पर शरीर सूर्य के प्रकाश से विटामिन-डी को संश्लेषित नहीं कर पाता है, इसलिए ऐसे लोगों के लिए संतुलित भोजन के जरिए विटामिन-डी लेना ज्यादा महत्वपूर्ण हो जाता है.

वे कहते हैं, ''हमारा शोध इस बात की पुष्टि करता है कि विटामिन-डी से भरपूर आहार लेने पर दिल का दौरा पड़ने का खतरा कम किया जा सकता है.''

वे कहते हैं, इस शोध और अन्य अध्ययनों के आधार पर ये सलाह दी जाती है कि विटामिन-डी की प्रचुर मात्रा, दिल का दौरा रोकने में मददगार हो सकती है.

ये शोध अमरीकी हार्ट एसोसिएशन के 'स्ट्रोक' नामक जर्नल में प्रकाशित हुआ है.

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