अब तकनीक करेगी चिड़िया की लार की रक्षा

स्विफ्टलेट
Image caption स्विफ्टलेट चिड़िया के थूक से बने यह घोंसले बहुत ही कीमती होते हैं.

अपने सबसे कीमती उत्पाद को जालसाजों से बचाने के लिए मलेशिया की सरकार एक ऐसी तकनीक का इस्तेमाल कर रही है, जो उस उत्पाद के हर रेशे का सही सही हिसाब देगा.

यह उत्पाद और कुछ नहीं यह स्विफ्टलेट चिड़िया का घोंसला है जो वो अपने थूक से धीरे धीरे बुनती है. थूक से बुना यह घोंसला चीन में सूप बना कर बड़े चाव से खाया जाता है. चीन में यह मान्यता है कि इस चिड़िया के थूक या लार से बने घोंसले का सूप पीने से त्वचा सुंदर होती है.

कुछ लोग इसके अनोखे स्वाद के भी दीवाने होते हैं. अच्छी किस्म और महज कुछ सौ ग्राम वजन के घोसलों की कीमत 100 डॉलर या 5500 रुपयों तक हो सकती.

सफेद रंग के यह कीमती घोंसले मलेशिया में तीन मंजिला इमारतों में बड़े सलीके और सावधानी के साथ उगाए जाते हैं.

इन चिड़ियों के घोंसलों को यहाँ काम करने वाली कर्मचारी बड़ी नजाकत से छोटी-छोटी पैनी खुरपियों से उतारते हैं. इसके बाद अन्य महिला कर्मचारी इन घोंसलों से बड़ी ही सावधानी से छोटी चिमटियों से चिड़ियों के पंख और धूल का एक-एक कतरा निकालती हैं.

नक्कालों से परेशान

मलेशिया की सरकार के मुताबिक इन चिड़ियों के थूक से बने घोंसलों का यह बाजार करीब नौ हजार करोड़ रुपयों का है.

यह धंधा इतना कमाई वाला है कि बाजार में नकली या मिलावट भरे उत्पाद जम कर उतारे जा रहे हैं.

इसी कारण से सरकार अब नकली उत्पाद बनाने वालों से निपटने के लिए रेडियो फ्रीक्वेंसी टैग्स में निवेश कर रही है.

असल उत्पाद के हर डब्बे पर लगा यह टैग हर डब्बे के मूल तक पहुचने का जरिया बन सकता है. असली घोंसले से जुड़े हर कदम की जानकारी इस टैग में सुरक्षित होती है.

अपने स्मार्ट फ़ोन की मदद से दुनिया में कोई भी उपभोक्ता दुनिया में हर घोंसले के डब्बे की असलियत की जांच कर सकेगा.

इन घोंसलों से जुड़ी हर जानकारी सरकार के सर्वर में कैद हो जाती है.

इस योजना से इन घोंसलों के उत्पादक बहुत खुश हैं. यामनिंग रिसोर्सेस के चुआ हुआई कहते हैं कि यह तकनीक महँगी है लेकिन इसमें निवेश ठीक है.

चुआ हुआई कहते हैं " इस तकनीक की वजह से उपभोक्ता हमारे उत्पाद की सच्चाई को परख सकते हैं. इसकी वजह से हम कीमतों को 50 फ़ीसदी तक बढ़ा सकते हैं."

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