यूट्यूब से हटे 'आतंकवाद समर्थक' वीडियो

  • 18 जून 2012
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Image caption कुछ लोग यूट्यूब को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का बड़ा माध्यम मानते हैं.

इंटरनेट सर्च इंजन गूगल ने अपनी वीडियो शेयरिंग वेबसाइट यूट्यूब से लगभग 640 वीडियो हटा लिए हैं जो कथित तौर पर चरमपंथ को बढ़ावा दे रहे थे.

ये वीडियो ब्रिटेन के पुलिस अफसरों के संघ की शिकायत पर पिछले साल जुलाई से दिंसबर के बीच हटाए गए.

ये जानकारी गूगल की ट्रांसपेरेंसी यानी पारदर्शिता रिपोर्ट में दी गई है, जिसमें सामग्री हटाने या सौंपने के विभिन्न देशों के अधिकारियों के आग्रहों के बारे में भी बताया गया है.

कंपनी का कहना है कि उसने संदेहास्पद वीडियो से जुड़े पांच अकाउंट खत्म किए हैं. हालांकि बहुत से देशों की ऐसी अपीलों को ठुकराया भी गया है.

कैसे कैसे वीडियो

कनाडा का पासपोर्ट कार्यालय भी उन संस्थाओं में शामिल हैं जिनके आग्रह को गूगल ने नहीं माना है. पासपोर्ट कार्यालय ने एक ऐसा वीडियो हटाने को कहा था जिसमें एक व्यक्ति कनाडा के पासपोर्ट पर पेशाब कर रहा है और बाद में वो उसे टॉयलेट में बहा देता है.

गूगल ने ऐसे छह वीडियो हटाने से भी इंकार कर दिया जिनमें पाकिस्तानी सेना और वरिष्ठ राजनेताओं का मजाक उड़ाया गया है. इन्हें हटाने का आदेश पाकिस्तानी सूचना तकनीकी मंत्रालय की तरफ से आया था.

लेकिन गूगल ने सैकड़ों आग्रहों पर कदम उठाया है जिसमें थाईलैंड में ऐसे 100 वीडियो प्रतिबंधित किए गए जिनमे कथित तौर पर राजशाही का अपमान किया जा रहा था. राजशाही का अपमान वहां अपराध है.

साथ ही गूगल ने नफरत भड़काने वाले एक वीडियो को हटा दिया है जो तुर्की में पोस्ट किया गया था.

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Image caption थाईलैंड में राजशाही का अपमान अपराध है.

गूगल ने विभिन्न अमरीकी सुरक्षा एजेंसियों के आग्रह चार ऐसे यूट्यूब अकाउंट खत्म कर दिए हैं जिनमें कथित तौर पर खतरनाक और परेशान करने वाली सामग्री थी.

'पश्चिमी सेंसरशिप'

कंपनी का कहना है कि उसे पिछले साल जुलाई से दिसंबर के बीच 6,989 वीडियो के सिलसिले में कुल 461 अदालती आदेश प्राप्त हुए.

इसके अलावा 4,925 वीडियो से जुड़े 546 अनौपचारिक आग्रह भी मिले जिनमें से 43 प्रतिशत मामलों में गूगल सहमत भी हुआ.

गूगल की वरिष्ठ नीति विश्लेषक दोरोथी चोऊ का कहना है, "हैरानी की बात है कि हमें ऐसे देशों से भी वीडियो हटाने के आग्रह मिले हैं जिन पर किसी तरह का संदेह नहीं होता - खासकर पश्चिमी लोकतांत्रिक देश जहां आम तौर पर किसी तरह की सेंसरशिप नहीं होती है."

वो बताती हैं, "पिछले साल के आखिरी छह महीनों के दौरान स्पेन के नीति निर्माताओं ने कहा कि हम कुछ ऐसे ब्लॉग और अखबारों के लेखों से जुड़े 270 सर्च रिजल्ट हटा दें जिनमें मेयरों और सरकारी अभियोजकों समेत कई जाने माने व्यक्तियों का जिक्र किया गया था. इसी तरह पोलैंड की उद्यम विकास एजेंसी ने अपनी आलोचना वाले लिंक हटाने का आग्रह किया."

इन दोनों ही आग्रहों को गूगल ने ठुकरा दिया.

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