सरिया सिर के आर-पार, फिर भी जान बची

Image caption अमरीकी किशोर सिर में एक छड़ के आर-पार हो जाने के बाद भी जीवित है

सोलह वर्षीय अमरीकी किशोर यासिर लॉपेज इस महीने फ्लोरिडा में अपने दोस्तों के साथ गए तो छुट्टी मनाने थे. लेकिन इसी दौरान अचानक उनके मित्र से गलती से उन्हें एक भाला लग गया और उमकी जान पर बन पाई.

ये भाला यासिर के सिर के आर-पार निकल गया. उनका इलाज करने वाले डॉक्टरों का कहना है कि ये किसी चमत्कार से कम नहीं कि यासिर जिंदा बच गए हैं.

मियामी के एक अस्पताल के डॉक्टरों का कहना है कि 90 सेंटीमीटर लंबा ये सरिया लॉपेज के दाहिनी आँख के पास से गुजरा और सिर के पीछे से निकल गया.

तीन घंटे तक चले इस ऑपरेशन के बाद अब वो स्वस्थ हैं और बातचीत भी कर रहे हैं.

डॉक्टरों का कहना है कि अस्पताल पहुंचते वक्त यूनुस जगा हुआ था, लेकिन उसके बाद वो थोड़ा परेशान हो गया.

ऑपरेशन

यासिर को बेहोशी की दवा देने के बाद स्टील की रॉड के हिस्से काटकर निकाले गए ताकि यासिर सीटी स्कैनर में फिट हो सके.

डॉक्टरों का कहना है कि मरीज को घटना के बारे में कुछ भी याद नहीं है.

हालांकि डॉक्टर अभी इस बात को लेकर आश्वस्त नहीं है कि यासिर की यादाश्त और दिमाग को कितना नुकसान हुआ है लेकिन वे मानते हैं कि उनकी स्थिति इससे ज्यादा खतरनाक हो सकती थी.

न्यूरोसर्जन रॉस बुलक ने पत्रकारों को बताया, "ये किसी आश्चर्य से कम नहीं है कि छड़ ने लॉपेज के मस्तिष्क की किसी महत्वपूर्ण रक्त वाहिका को नुकसान नहीं पहुंचाया.”

डॉक्टरों का कहना है कि लॉपेज के दाहिनी तरफ चोट लगने से बोलने और दूसरे महत्वपूर्ण कार्यों को करने वाले हिस्सों को नुकसान नहीं पहुंचा क्योंकि ये लॉपेज का नॉन-डॉमिनेंट लोब था.

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