यौनरत कछुओं का जीवाश्म

कछुओं का जीवाश्म जोड़ा इमेज कॉपीरइट BBC World Service

जर्मनी में डार्मश्टाड के निकट मेजिल पिट से दो कछुओं के जीवाश्म मिले हैं. जिस अवस्था में ये अवशेष मिले हैं, उनके बारे में वैज्ञानिकों का कहना है कि ये कछुए तब मारे गए जब वे यौन क्रिया में रत थे यानी सेक्स कर रहे थे और इसी अवस्था में वे जीवाश्म में बदल गए.

इनमें एक नर और एक मादा कछुआ है. ये पूरा ब्यौरा रॉयल सोसाइटी जर्नल 'बायोलॉजी लेटर्स' में प्रकाशित हुआ है.

शोधकर्ताओं का मानना है कि ये कछुए तब वहां मौजूद झील के किनारे उथले पानी में सेक्स कर रहे थे, लेकिन ज्वालामुखीय गैसों की जहरीली परत की वजह से मारे गए.

आलिंगन की मुद्रा में ये जोड़ा झील के गर्भ में दफन हो गया.

कार्बन डायऑक्साइड का विस्फोट

ट्यूबिंगन यूनिवर्सिटी के डॉक्टर वॉल्टर यॉएसे बताते हैं कि ये जोड़ा पूर्वी अफ्रीका में ज्वालामुखीय झील में मिला.

वे कहते हैं, ''कुछ सैकड़ों वर्षों के अंतराल पर इन झीलों में अचानक कार्बन डायऑक्साइड का विस्फोट होता है. ये वैसा ही होता है जैसा शैम्पेन की बॉटल खोलने पर होता है. इससे झील के आसपास सब कुछ जहरीला हो जाता है.''

'बायोलॉजी लेटर्स' में बताया गया है कि ये कछुए दुर्लभ प्रजाति के हैं.

इनकी लंबाई लगभग 20 सेंटीमीटर है. मादा कछुआ, नर कुछए से थोड़ी सी बड़ी है.

इससे बड़े आकार वाली प्रजाति के कछुए ऑस्ट्रेलिया और पापुआ न्यूगिनी में पाए जाते हैं.

आलिंगनबद्ध ये कछुए, उन हजारों संरक्षित जीवाश्मों में से हैं जो मेजिल पिट से मिले हैं जिसे यूनेस्को ने विश्व विरासत का दर्जा दिया है.

बीते 30 वर्षों में यहां से कछुओं के नौ जोड़े के जीवाश्म खोजे गए हैं.

डॉक्टर वॉल्टर यॉएसे कहते हैं कि कुछ ऐसे भी जोड़े मिले हैं जिनमें दोनों ही कछुए नर हैं जो शायद लड़ाई के दौरान मारे गए होंगे.

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