फ़ोन चहचहाइए, तस्वीरें पहुँचाइए 'चर्प' से

  • 24 जुलाई 2012
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Image caption चर्प फ़िलहाल केवल आईफ़ोन पर उपलब्ध है मगर अन्य फ़ोनों पर भी ये जल्दी ही आ जाएगा

अब स्मार्टफ़ोनों पर तस्वीरें और अन्य फाइलों को चिड़ियों की डिजिटल चहचहाहट से शेयर किया जा सकता है. ‘चर्प’ यानी चहचहाहट नाम का ऐप शेयरिंग को और आसान बनाने के इरादे से बनाया गया है.

चर्प को चलाते ही दो सेकंड की एक आवाज़ सुनाई देती है जो एक रोबोटिक पक्षी की चहचहाहट जैसी लगती है. इसके साथ ही आस-पास के जो भी स्मार्टफोन इसे सुन पाते हैं उनमें ये तस्वीरें या अन्य फ़ाइलें डाउनलोड हो जाती हैं.

इसे यूँ समझें कि जैसे आपने तस्वीर खींची, चर्प दबाया, चहचहाहट हुई, और ये आवाज़ आपके साथी या सभी साथियों के फ़ोन तक पहुँची, और इसी के साथ वो तस्वीर उन सबके मोबाइल फ़ोन में नज़र आने लगी, यानी इस आवाज़ से वो तस्वीर उन फ़ोनों में डाउनलोड हो गई.

ये काम ब्लूटूथ, वाई-फ़ाई और क्लाउड आधारित स्टोरेज व्यवस्थाओं से भी किया जा सकता है और एंड्रॉयड बीम, बंप, डेटासिंक और ड्रॉपबॉक्स जैसे ऐप्लिकेशनों में इन्हीं तरीकों से फ़ाइलें शेयर की जाती हैं.

मगर चर्प के साथ फ़ायदा ये है कि ये बहुत जल्दी बहुत सारे स्मार्टफ़ोनों या टैबलेटों में डेटा भेज सकता है और इसके लिए उन फ़ोनों को एक साथ लिंक करने की ज़रूरत नहीं पड़ती.

यहाँ तक कि अगर फ़ोन ऑफ़लाइन है, और उसने चहचहाहट सुनी, तो वो उसे याद रखेगा और फ़ाइल को बाद में डाउनलोड कर लेगा.

चर्प का सॉफ़्टवेयर ऐनिमल सिस्टम्स नामक एक कंपनी ने बनाया है जो युनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ़ लंदन की एक व्यावसायिक शाखा है.

कंपनी के मुख्य कार्यकारी पैट्रिक बेरगल ने बीबीसी से कहा, "हमारा पक्का मानना है कि ये एक अलग तरह की चीज़ है. हमने डेटा को शेयर करने के लिए मोबाइल फ़ोनों को लिंक करने की समस्या का हल निकाल लिया है. आवाज़ को सुनकर एक ही सूचना बहुत सारे फ़ोनों में एक साथ पहुँचाई जा सकती है."

शोर में भी कारगर

ऐप को मुफ्त इस्तेमाल किया जा सकता है मगर अतिरिक्त सेवाओं के लिए कंपनियों से शुल्क लिया जा सकता है.

फ़िलहाल इस पर केवल तस्वीरें, वेबसाइटों के लिंक या 140 अक्षरों वाले मेसेज ही भेजे जा सकते हैं.

बेरगल कहते हैं कि चर्प की आवाज़ अनोखी है जिससे कि वो भीड़-भाड़ वाली जगहों पर भी सुनाई देगी.

चर्प के स्वस्थ इस्तेमाल के इरादे से ऐनिमल सिस्टम्स ने एक व्यवस्था की है जिससे कि इससे अश्लील या अवैध सामग्रियों के लिंक नहीं बढ़ाए जा सकेंगे.

ऐप बनाने वाली पाँच सदस्यों वाली टीम अब मार्केटिंग और दूसरे व्यवसायों के लिए सेवाएँ उपलब्ध कराने वाले प्रीमियम उत्पादों के विकास पर ध्यान दे रही है.

बेरगल का कहना है कि उनका अंतिम लक्ष्य ये है कि मोबाइल फोन बनाने वाली कंपनियाँ मोबाइल फ़ोनों पर चर्प को पहले से ही लगाकर बेचें.

मगर इसके लिए उन्हें पहले लोगों को इस बात के लिए राज़ी करना होगा कि उन्हें ऐसे समय में क्यों चर्प की ज़रूरत है जबकि वाई-फ़ाई, फ़ोर जी और अतिविकसित ब्लूटूथ आदि की सेवाएँ सामान्य होती जा रही हैं.

फ़िलहाल चर्प केवल आईफ़ोन पर उपलब्ध है. जल्दी ही इसे एंड्रॉयड से चलने वाले फ़ोनों के लिए भी उतारा जाएगा.

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