तनाव और घबराहट हैं जानलेवा

  • 5 अगस्त 2012

शोधकर्ताओं का कहना है कि घबराहट और तनाव जैसी हल्की मानसिक बीमारी वाले लोगों की जल्दी मौत हो सकती है.

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Image caption शोध में सामने आया कि घबराहट जैसी बिमारियां भी 16 प्रतिशत तक मौत का खतरा बढ़ा सकती है.

शोधकर्ताओं ने इंग्लैंड में दिल की बीमारी और कैंसर जैसे बीमारियों की वजह से समय से पहले होने वाली 68,000 मौतों की जांच की.

शोध में सामने आया कि अगर शराब पीने और धूम्रपान जैसे कारणों को ध्यान में रखा जाए तो घबराहट जैसी बीमारियों से 16 प्रतिशत तक मौत का खतरा बढ़ सकता है .

यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन और एडिनबरा यूनिवर्सिटी की टीम के मुताबिक तनाव और घबराहट की बढ़ती समस्या इस खतरे को 67% तक बढ़ा सकती है.

गंभीर मानसिक बीमारियों से लोगों में खतरे के प्रमाण पहले से ही मौजूद हैं.

लेकिन शोधकर्ताओं ने कहा कि हल्के तनाव के मामलों के बारे में यह निष्कर्ष चिंता पैदा करता है. हर चार में से एक व्यक्ति इससे प्रभावित माना जाता है.

वेलकम ट्रस्ट द्वारा प्रायोजित किए गए इस शोध को ब्रिटेन के मेडिकल जर्नल में छापा गया है. इसमें 10 साल के आंकड़ों पर नज़र डाली गई है.

सबसे बड़ा शोध

वैज्ञानिकों के अनुसार यह अब तक का सबसे बड़ा शोध है जिसमें तनाव और मौत के संबंध को दिखाया गया हो.

इसके मुख्य लेखक डॉक्टर टॉम रस्स ने कहा, ''यह तथ्य कि कम तनाव में भी मृत्यु दर बढ़ रही है इसके आधार पर यह जानने के लिए भी शोध होना चाहिए कि क्या इन मामूली बीमारियों के इलाज से मौत का खतरा कम हो सकता है.''

'चैरिटी रीथिंक' के मुख्य अधिकारी पॉल जेनकिंस के मुताबिक दुख की बात ये है कि यह निष्कर्ष ज़्यादा हैरान नहीं करते.

उन्होंने कहा, ''स्वास्थ्य के व्यवसाय से जुड़े लोगों में इस तरह की बीमारियों के बारे में जानकारी का अभाव है जिसका मतलब यह है कि लोग हर रोज बेवजह ही मर रहे हैं.''

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