ट्रांसमीटर लिए घूमेंगी ब्रितानी चींटियां!

 शुक्रवार, 24 अगस्त, 2012 को 08:40 IST तक के समाचार
चींटियां

माना जा रहा है कि यह पहली बार होगा जब जंगलों में मौजूद चींटियों पर रेडियो टैग लगाए जाएंगे.

ब्रिटेन में चींटियों की हर गतिविधी पर नज़र रखने और उनके व्यवहार के बारे जानकारी हासिल करने के लिए न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिक उन्हें रेडियो टैग यानी नन्हे ट्रांसमीटर पहनाने की तैयारी में हैं.

ब्रिटेन के मध्य-भूभाग में लाखों की संख्या में मौजूद इन चींटियों में से चुनिंदा एक हज़ार ‘वुड-एंट्स’ पर ये ट्रांसमीटर लगाए जाएंगे. ‘वुड-एंट्स’ दीमक की तरह लकड़ी में रहने वाली एक खास तरह की क्लिक करें चींटी है. इस चींटी के शरीर पर बड़ी संख्या में रेशे मौजूद होते हैं.

यह चींटी क्लिक करें आकार में थोड़ी बड़ी होती है और दीमक की तरह लकड़ी को खाती नहीं बल्कि उसमें छेद कर अपना घर बनाती है.

माना जा रहा है कि यह पहली बार होगा जब क्लिक करें जंगलों में मौजूद चींटियों पर रेडियो टैग लगाए जाएंगे. इस तकनीक के ज़रिए चींटियों पर मौजूद ट्रांसमीटर उनकी हर गतिविधी के बारे में वैज्ञानिकों को जानकारी देंगे. हालांकि एक सेंटीमीटर से भी छोटी चींटियों पर ट्रांसमीटर लगाने का काम अपने आप में मुश्किलों भरा है.

बीबीसी के पर्यवरण संवाददाता रिचर्ड ब्लैक के मुताबिक नन्ही चींटी के शरीर पर गोंद के ज़रिए रेडियो टैग ये काम बेहद थकाने वाला होगा लेकिन फिर भी वैज्ञानिक इसके ज़रिए यह पता लगाने की कोशिश करेंगे कि ये चींटियां आपस में किस तरह संवाद करती हैं और कैसे भोजन जुटाती हैं.

ब्रिटेन में पाई जाने वाली सबसे बड़े आकार की ये चींटियां संरक्षित प्रजाति घोषित की जा चुकी हैं.

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