दिल बेचारा काम का मारा

 शुक्रवार, 14 सितंबर, 2012 को 16:42 IST तक के समाचार

क्या आप ऐसी जगह काम करते हैं जहाँ का माहौल तनावपूर्ण है और आपसे बहुत ज़्यादा काम की उम्मीद रहती है?

मेडिकल पत्रिका लेंसेट की शोध के मुताबिक तनावपूर्ण कार्यालय और दिल के दौरे के खतरे में सीधा संबंध है.

बेहद कम समय में बहुत ज़्यादा काम और काम करने के दौरान फैसले लेने की आज़ादी न होने से तनाव हो सकता है जिसे ‘जॉब स्ट्रेन’ का नाम दिया गया है.

ये तनाव किसी भी तरह के काम में हो सकता है लेकिन कम हुनर वाले कामों में ऐसा ज़्यादा है- ऐसे काम जहाँ कड़ी मेहनत करनी पड़ती है. जैसे हर समय कोई न कोई बड़ा फैसला लेने वाले डॉक्टरों की तुलना में ऐसे व्यक्ति का तनाव स्तर ज्यादा होगा जो किसी व्यस्त उत्पादन फैक्ट्री में काम करता है.

लेंसेट के विश्लेषण में 13 यूरोपीय देशों के दो लाख लोगों का अध्ययन किया गया. इसमें पाया गया कि जो लोग ‘हाई स्ट्रेन’ जॉब में हैं यानी जिन कार्यस्थलों में तनाव ज़्यादा होता है, वहाँ लोगों में दिल की बीमारी या दौरा पड़ने से मौत होने का खतरा 23 फीसदी ज़्यादा है.

लेकिन अगर आप सिगरेट पीते हैं, पौष्टिक खाना नहीं खाते या कसरत नहीं करते तो इनसे भी दिल पर बहुत बुरा असर पड़ता है.

ब्रिटिश हार्ट फाउंडेशन जैसी संस्थाओं ने कहा है कि नौकरियों में तनाव पूरी तरह से खत्म नहीं किया जा सकता. लेकिन ज्यादा तनावग्रस्त जगहों पर काम करने वालों को दूसरी वजहों से भी दिल की बीमारी होने का खतरा बढ़ जाता है.

वहीं डेनमार्क के डॉक्टर बो नेटरस्ट्रॉम का मानना है कि काम में अन्य तरह के तनाव जैसे नौकरी में असुरक्षा का भाव भी तनाव बढ़ाता है.

(आज का शीर्षक चुना गया है दिल बेचारा काम का मारा जिसे फेसबुक पर हमारे पाठक हरिशंकर शाही ने दिया है)

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