केंचुओं से कितना फायदा कितना नुकसान?

केंचुएं
Image caption केंचुओं को आमतौर पर किसान का मित्र कहा जाता है.

आम तौर पर केंचुए अच्छी खबर माने जाते हैं. खाद बनाने के तौर पर उन्हें अक्सर मालियों और किसानों का 'प्रिय मित्र' कहा जाता है.

केंचुए टूट कर सड़ रहे पौधों को फिर से इस्तेमाल लायक बनाते हैं, और उन्हें ढीला करते हुए उपजाऊ बनाते हैं. लेकिन उनकी कार्यक्षमता का सदा स्वागत नहीं किया जा सकता.

केंचुए पूरी दुनिया में धावा बोल रहे हैं. धीमे चलने वाले, हानिरहित दिखाई देने वाले केंचुओं ने लगभग सभी महाद्वीपों पर कब्ज़ा कर लिया है.

वे हर जंगली जीव को पीछे छोड़ रहे हैं. जोती हुए धरती के लिए वे अपना रूप बदला रहे हैं और मिट्टी के स्वरूप को बदल रहे हैं.

नुकसान?

इस समय यह जानने के प्रयास हो रहे हैं कि वो यह कैसे कर रहे हैं और क्या नुकसान पहुंचा रहे हैं.

अमरीका के जॉर्जिया यूनिवर्सिटी के डॉ ब्रूस स्नाइडर कहते हैं, ''यह सचमुच में पूरी दुनिया में हो रहा है कि बाहर से आने वाले केंचुओं ने अंटार्टिका को छोड़ कर सभी महाद्वीपों पर कब्ज़ा कर लिया है.''

एक समय पर उत्तरी अमरीका के अधिकतर जंगलों में केंचुए नहीं होते थे. जब यूरीप के लोग यहां आए तो वो गलती से पौधों वाली मिट्टी के साथ इन्हें भी ले आए.

स्नाइटर ने बीबीसी को बताया, ''यूरोप की प्रजातियां उत्तरी विस्कॉन्सिन, मिनेसोटा, न्यूयॉर्क और कनाडा के जंगलों पर कब्ज़ा कर रही हैं.''

केंचुओं का सफर

Image caption यह जानने के प्रयास हो रहे हैं कि वो क्या नुकसान पहुंचा रहे हैं.

पिछले सालों में कई अनुसंधान छपे हैं जिनमें यह दिखाने का प्रयास किया गया है कि तेज़ी से फैलने वाले कीड़ों ने कहां तक सफर तय किया है और उसका परिणाम क्या हुआ है.

पिछले साल एक जर्नल ह्यूमन इकॉलॉजी में प्रकाशित किए गए शोध ने पाया कि आक्रामक केंचुए वनप्रदेश में कार्बन और नाइट्रोजन के चक्र में बदलाव कर सकते हैं.

पिछले साल ही प्रकाशित किए गए एक अन्य अध्ययन में पाया गया कि आक्रामक केंचुए अपने वातावरण की मदद कर सकते हैं.

उसने यह भी पाया कि मिट्टी में कार्बन को बांध कर रखने में इनकी बहुत अहम भूमिका होती है.

फ्रेंच और यूरोपियन अकैडमीज़ ऑफ साइंस के प्रोफेसर पैट्रिक लावेल के अनुसार, ''ये कीड़े नई स्थितियों में बड़े अच्छे से व्यवस्थित हो जाते हैं जो मूल निवासी नहीं हो पाते.''

शोधकर्ताओं ने पाया कि यह कीड़े खनिज पदार्थ के स्तर को बढ़ा सकते हैं और पौधों की वृद्धि में मदद कर सकते हैं.

सुनने में यह अच्छा लग सकता है लेकिन इसकी खासी कीमत चुकानी पड़ती है.

प्रोफेसर पैट्रिक लावेल कहते हैं, ''इसका नुकसान यह है कि वहां के मूल जीव कभी वापस न आ पाएं. उनके खो जाने से हम सब को दुख होता है.''

यह नुकसान उस समय खास तौर पर चुभता है जब यह घुसपैठ करने वाले केचुंए उन केंचुओं की प्रजातिओं को बाहर धकेल सकते हैं जिनका वैज्ञानिकों को वर्णन करने का मौका भी न मिला हो.

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