हबल दूरबीन ने भेजे ब्रह्मांड के असाधारण चित्र

Image caption हबल दूरबीन ने बेहद असाधारण तस्वीरें भेजी हैं जिनसे ब्रह्मांड के कई रहस्यों को जानने में मदद मिलेगी

हबल दूरबीन ने ब्रह्मांड की कुछ अत्यंत दुर्लभ तस्वीरें खींची हैं. इस तस्वीर को एक्सट्रीम डीप फील्ड यानी एक्सडीएफ का नाम दिया गया है.

ये तस्वीर कई आकाशगंगाओं को समेटे हुए है और ऐसे समय खींची गई है जबकि पहला तारा बिल्कुल चमकने की शुरुआत ही कर रहा है.

लेकिन ये दृश्य इतना आसान नहीं था. इनमें कुछ चीजें बहुत दूर हैं तो कुछ बहुत धुंधली हैं.

ब्रिटेन के कैंब्रिज विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक डॉक्टर मिशेल ट्रेंटी कहते हैं, “निश्चित रूप से ये एक असाधारण तस्वीर है.”

वो बताते हैं, "हम आकाश के इस हिस्से पर 22 दिनों तक टकटकी लगाए रहे और इससे हमें ब्रह्मांड को काफी भीतर तक देखने में मदद मिली. इसी वजह से हम ये भी जान पाए कि आकाशगंगाएं अपनी शुरुआती अवस्था में कैसी दिखती हैं."

एक्सडीएफ खगोलशास्त्र का एक महत्वपूर्ण औजार बनेगा. इसके भीतर फैली चीजों को दूसरी दूरबीनों से देखा जा सकता है. ये ऐसी तस्वीर है जो वैज्ञानिकों को वर्षों तक व्यस्त रखेगी और उन्हें ये जानने के लिए प्रेरित करती रहेगी कि आकाशगांगाओं का निर्माण और विकास किस तरह से हुआ.

संशोधित रूप

ये नई तस्वीर वास्तव में पहले एक्सडीएफ का संशोधित संस्करण है.

इस दूरबीन को साल 2003 और 2004 में इकट्ठा किए गए आँकड़ों के आधार पर बनाया गया था और इससे तारामंडल में अंतरिक्ष के एक बहुत छोटे हिस्से के अंदर की तस्वीरें ली गईं. बाद में इसमें कई संशोधन किए गए.

हबल को इंफ्रारेड क्षेत्र में प्रवेश करना है, ये देखने के लिए कि ये करता क्या है. डॉक्टर ट्रेंटी कहते हैं, “शोध बताते हैं कि आकाशगंगाएं पहले बहुत छोटी होती हैं और इनकी विशेषताएं भी सीमित होती हैं लेकिन जैसे-जैसे ये बड़ी होती जाती हैं, तो इनका रूप काफी विशाल दिखता है जैसा कि एक्सडीएफ की इस तस्वीर में दिख रहा है.”

एक्सडीएफ की पाँच हजार से भी ज्यादा आकाशगंगाओं में से एक ऐसी भी है जो कि सबसे दूर है और जिसका अविष्कार होना अभी बाकी है.

यदि इसकी पुष्टि हो जाती है तो इसका मतलब होगा कि ये ब्रह्मांड के जन्म के 46 करोड़ साल बाद दिखा है.

ऐसी उम्मीद की जा रही है कि इसकी मदद से उन आकाशगंगाओं को भी देखने में मदद मिल सकती है जो कि ब्रह्मांड के जन्म के साथ ही बनी थीं यानी सबसे पुरानी हैं.

इसे देखने के लिए हबल दूरबीन के उत्तराधिकारी की जरूरत होगी. साल 2018 में अंतरिक्ष में जाने वाले प्रस्तावित जेम्स वेब स्पेस टेलिस्कोप से ये उम्मीद की जा रही है.

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