फेसबुक इस्तेमाल करने वाले एक अरब से ज़्यादा हुए

 शुक्रवार, 5 अक्तूबर, 2012 को 04:26 IST तक के समाचार

सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक ने दावा किया है कि उसे इस्तेमाल करने वाले लोगों की संख्या एक अरब से ज़्यादा हो गई है.

गुरुवार को अमरीकी टेलीविज़न पर फेसबुक के संस्थापक मार्क ज़करबर्ग ने ये घोषणा की. कंपनी ने कहा है कि इन एक अरब यूज़र्स ने 219 अरब तस्वीरें वेबसाइट पर डाली हैं और 1.13 ट्रिलियन लाइक किए हैं.

कंपनी की नई उपलब्धि पर ज़करबर्ग ने अपना स्टेटस अपडेट करते हुए लिखा, “अगर आप इस स्टेट्स को पढ़ रहे हैं तो आप सब लोगों का शुक्रिया कि आपने मुझे और मेरी टीम को अपनी सेवा का मौका दिया. एक अरब लोगों को आपस में जोड़ने का मौका देना अदभुत अनुभव है. मुझे इस पर बहुत गर्व है.”

ये भी बताया गया है कि 60 करोड़ लोग मोबाइल के ज़रिए फेसबुक पर जा रहे हैं. पिछले साल ये आँकड़ा 55 करोड़ 20 लाख था.

कैसे आधार बढ़ाए फेसबुक ?

अगर फेसबुक को अपने शेयरों का मूल्य बनाए रखना है तो सतत विकास ज़रूरी है. जब फेसबुक के शेयर लॉन्च हुए थे तो इसके शेयरों की कीमत 38 डॉलर थी जबकि बाद में ये गिरकर 22 डॉलर हो गई.

फेसबुक 2004 में लॉन्च किया गया था. अपना आधार और बढ़ाने के लिए अब कंपनी की नज़र विकसाशील देशों पर है.

हालांकि फेसबुक दुनिया की सबसे बड़ी सोशल नेटवर्किंग कंपनी है लेकिन रूस और चीन जैसे देशों में स्थानीय प्रतिस्पर्धी हैं जो फेसबुक से आगे हैं. पिछले महीने ज़करबर्ग मॉस्को गए थे जहाँ वे पहली बार टीवी चैट शो में नज़र आए और रूसी प्रधानमंत्री से बात भी की.

चीन में भी स्थानीय सोशल नेटवर्किंग कंपनियाँ फेसबुक से आगे हैं. अफ्रीका में फेसबुक ने वहाँ लोकप्रिय खास किस्म के फोन पर ध्यान केंद्रित किया है. फीचर फोन के नास से मशहूर इस मोबइल सेट में फेसबुक की पूरी साइट नहीं दिखती बल्कि कुछ फेसबुक का विशेष संस्करण दिखता है.

डाटा की खान

फेसबुक के यूज़र

  • नार्थ अमरीका - 44.97 फीसदी
  • यूरोप- 29.96 फीसदी
  • एशिया- 6.68 फीसदी
  • साउथ अमरीका- 33.92 फीसदी

फेसबुक इन दिनों कंपनी पर दिए जाने वाले विज्ञापनों के असर पर भी नज़र रख रहा है. अगर व्यसायिक संस्थानों को भरोसा दिलाना है कि फेसबुक पर विज्ञापन देना पैसे की बर्बादी नहीं है तो ऐसा करना ज़रूरी है.

फर्ज़ी यूज़र को लेकर हुए विवाद ने फेसबुक की छवि को नुकसान पहुँचाया है.

शोध कार्यों में लगी कंपनी ओवल की ऐडन ज़ोलर कहती हैं, “इसमें कोई शक नहीं है कि फेसबुक के पास जो डाटा है वो सोने की खान है. लेकिन सोने की ये खान खतरनाक भी साबित हो सकती है. क्योंकि डाटा प्राइवेसी को लेकर फेसबुक की साख पर सवाल हैं.”

ऐडन कहती हैं कि फेसबुक अपने क्षेत्र में हाई प्रोफाइल हैं, पोस्टर बॉय की तरह हैं लेकिन फेसबुक वाले सजग नहीं रहे तो इसका उल्टा भी हो सकता है.

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