ऐपल को नया नोटिस लगाने के लिए चाहिए थे 14 दिन

 शुक्रवार, 2 नवंबर, 2012 को 02:07 IST तक के समाचार
ऐपल Apple

ऐपल की ओर से कहा गया कि उन्हें नया नोटिस लगाने के लिए 14 दिनों का समय चाहिए

इलेक्ट्रॉनिक कंपनी ऐपल को सैमसंग के साथ अपने डिज़ाइन से जुड़े विवाद में अपनी वेबसाइट पर लगे बयान को 48 घंटों के भीतर सुधारने के लिए कहा गया है.

ब्रिटेन के जजों ने ये आदेश सुनाया है. इससे पहले ऐपल को 18 अक्तूबर को अपनी वेबसाइट पर ऐसा क्लिक करें संदेश छापने के लिए कहा गया था जिससे स्पष्ट हो कि सैमसंग ने ऐपल के आईपैड के पंजीकृत डिज़ायन को लेकर कोई सीमा नहीं तोड़ी है.

मगर इसके बाद सैमसंग ने शिकायत की कि ऐपल ने जो बयान लगाया है वो अदालत के आदेशों का पूरी तरह पालन नहीं करता.

जजों ने इस बात से सहमति जताई और ऐपल को कहा कि 24 घंटों के अंदर वो बयान हटा लिया जाना चाहिए. इसके बाद एक नया बयान वेबसाइट पर लगाया जाएगा.

ऐपल की ओर से कहा गया कि उसे नया बयान लगाने के लिए 14 दिनों का समय दिया जाना चाहिए मगर उनकी ये माँग पूरी तरह ख़ारिज कर दी गई.

नया नोटिस

"मैं ऐपल के प्रमुख की ओर से एक शपथ पत्र देखना चाहूँगा कि ऐपल कंपनी के लिए ये इतनी बड़ी तकनीकी परेशानी क्यों है"

सर रॉबिन जैकब, जज

लॉर्ड जस्टिस लॉन्गमोर ने ऐपल की ओर से पेश हुए माइकल बेलॉफ़ से कहा, "हमें आश्चर्य है कि आप मौजूदा नोटिस हटाने के साथ ही सही नोटिस नहीं लगा सकते."

एक अन्य जज सर रॉबिन जैकब ने कहा, "मैं ऐपल के प्रमुख की ओर से एक शपथ पत्र देखना चाहूँगा कि ऐपल कंपनी के लिए ये इतनी बड़ी तकनीकी परेशानी क्यों है." ऐपल ने इसके बाद इस मामले पर टिप्पणी करने से इनकार किया है.

सैमसंग ने अपनी शिकायत में कहा था कि ऐपल ने जो बयान लगाया है वो 'ग़लत' है क्योंकि उसमें जर्मनी और अमरीकी अदालत में इसी मामले पर ऐपल के पक्ष में आए फ़ैसले का भी ज़िक्र है.

सैमसंग की ओर से कहा गया कि ये बयान इस तरह की छवि पेश करता है जैसे ब्रितानी अदालत ने बाक़ी अदालतों से हटकर उलटा फ़ैसला दे दिया है. ब्रिटेन का ये फ़ैसला पूरे यूरोपीय संघ पर लागू होगा.

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