कम्प्यूटर जिसे सर पर बाँध सकते हैं

  • 18 नवंबर 2012

ज़रा कल्पना कीजिए एक ऐसे कम्प्यूटर की जो आपके मेज़ पर पड़ा किसी डिब्बे के आकार का नहीं है, न ही वो माउज़ या कीबोर्ड से चलता है. बल्कि इसे आप अपने सिर पर बांध सकते हैं और इसे आवाज़ से संचालित किया जा सकता है.

लेकिन ये अब कल्पना नहीं बल्कि हकीकत. इस तरह का कम्प्यूटक अगले साल तक बिक्री के लिए बाज़ार में आ जाएगा.

इसका नाम एचसी1 है जिसे मोटोरोला सॉल्यूशंस ने बनाया है. (ये मोटोरोला मोबिलिटी नाम की कंपनी से अलग है जिसे अब गूगल ने खरीद लिया है).

देखने में ये कम्प्यूटर बहुत बड़े साइज़ का टेलीफोन हेडसेट लगता है जो कुछ-कुछ साइकल हेलमेट और गैस मास्क जैसा दिखता है.

ये दो हिस्सों में आता है: क्रैडल के ज़रिए इसे आप अपने सर पर बाँध सकते हैं और कम्प्यूटर धातु के एक डिब्बे में होता है जो आपके सर के इर्द घिरा हुआ होता है.

आवाज़ के इशारे पर

सामने एक छोटी स्क्रीन है - चेहरे के बिल्कुल सामने. देखने के लिए आपको सर थोड़ा झुकाना होगा. ये आपके व्यॉस के कमांड को समझेगा यानी आप इस उपकरण को आदेश दे सकते हैं कि वो कोई फाइल खोले, ईमेल चेक करे या कैमरे के ज़रिए सामने रखी चीज़ों पर ज़ूम-इन करे ताकि अप उन्हें करीब से देख सकें.

इस तरह के कम्प्यूटर को ऐसे मौकों पर इस्तमाल करने के लिए बनाया गया है जब लोगों को कई काम साथ-साथ करने के अलावा उनसे जुड़ी जटिल जानकारियाँ भी जुटाने की ज़रूरत हो सकती है.

Image caption गूगल पर एक विशेष चशमा तैयार कर रहा है जिसमें इंटरनेट कनेक्शन होगा.

समझा जाता है कि इसे दूर दराज क्षेत्रों में काम करने वाले इंजीनियर, निर्माण क्षेत्र में लगे कारीगर और वास्तुकार भविष्य में इस्तेमाल कर सकते हैं.

ब्रिटेन में नॉटिंघम की एक कंपनी इकानॉस अभी से पैरामेडिक प्रो नाम के उत्पाद का ऐप बना रही है. ये उपकरण ऐम्बुलेंस के कर्मचारियों को मरीज़ के मेडिकल रिकॉर्ड दिखाएगा और साथ- साथ अस्पताल में डॉक्टर मरीज़ का वीडियो भी देख सकेंगे ताकि वे उसके आने से पहले पूरी तैयारी कर लें.

भविष्य का आकर्षण

मोटोरोला को अनुमान है कि वो ये कम्प्यूटर हेडसेट तीन से चार हज़ार डॉलर में ग्राहकों को मिल सकेगा. हालांकि कंपनी मानती है कि उस उपकरण को बड़ा बाज़ार नहीं मिलेगा.

प्रोडक्ट मैनेजर पॉल रीड कहते हैं कि लोग इसे पहनकर सड़कों पर तो नहीं चलेंगे.

इस उपकरण को बड़े पैमाने पर लोग भले ही न खरीदें लेकिन इसमें वो तकनीकें हैं जो भविष्य में बहुत से अन्य उपकरणों का हिस्सा बन सकती हैं.

इस साल गूगल ने चश्मे के एक फ्रेम की परिकल्पना की थी जिसमें इंटरनेट क्नेक्शन था, कैमरा था और एक डिस्प्रले भी था. लेकिन ये अभी पूरी तरह तैयार नहीं हो पाया है.

जूनिपर रिसर्च नाम की कन्सलटेंसी का कहना है कि बांध सकने वाले कम्प्यूटरों के कुल बाजा़र का आकार साल 2014 तक ढ़ेढ़ अरब डॉलर हो जाएगा.

स्मार्टफोन, लैपटॉप आदि का बाज़ार अभी इस मुकाबले में बहुत बड़ा है लेकिन लोग बाँध सकने वाले कम्प्यूटरों की ओर आकर्षित हो रहे हैं.

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