धूम्रपान से बढ़ सकती है शराब की खुमारी

Image caption कई संस्थान इस अध्ययन को खासा अहम मान रहे हैं

एक नया अमरीकी अध्ययन कहता है कि अगर किसी ने जम कर पी हो और फिर वो सिगरेट पी ले तो इससे नशा और चढ़ सकता है. इतना, कि अगले दिन तक भी ठीक से न उतर पाए.

हालांकि इस शोध में ये नहीं बताया गया है कि धूम्रपान की वजह से हैंगोवर बिगड़ने की वजह क्या है.

शोधकर्ताओं ने 113 अमरीकी छात्रों से कहा कि वो आठ हफ्तों तक पीने और धूम्रपान की अपनी आदतों से जुड़ी बातें और हैंगोवर के लक्षणों के बारे में डायरी में लिखें.

जब उन्होंने जम की पी, मसलन एक घंटे में बीयर के छह कैन पी गए तो उस पर धूम्रपान करने वालों का हाल कहीं ज्यादा बुरा था.

इस अध्ययन के नतीजे ‘जरनल ऑफ स्टडीज ऑन एल्होकल एंड ड्रग्स’ में प्रकाशित हुए हैं.

'जटिल संबंध'

इस शोध पत्र को लिखने वालों में से एक डॉ. दामारिस रोहजेनॉव कहते हैं, “बराबर मात्रा में पीने वालों में से उन लोगों को अगले दिन हैंगोवर की ज्यादा संभावना होती है जो पीने के साथ धूम्रपान भी करते हैं.”

“धूम्रपान न करने वालों के मुकाबले धूम्रपान करने वालों में हैंगोवर का जोखिम बढ़ जाता है.”

नशे की लत को छुड़ाने के लिए काम कर रही संस्था 'एक्शन ऑन एडिक्शन' के प्रवक्ता ने इस बारे में और शोध किए जाने की जरूरत पर जोर दिया है.

उनका कहना है कि शराब और धूम्रपान के बीच संबंध जटिल है.

Image caption धूम्रपान और हैंगोवर अभी और रिसर्च की जरूरत बताई जा रही है

प्रवक्ता ने कहा, “हम उम्मीद करते हैं कि कुछ लोग ये जानने के बाद शराब, धूम्रपान या दोनों ही चीजें का सेवन कम करेंगे कि धूम्रपान से हैंगोवर का जोखिम बढ़ जाता है.”

अमरीका की मिडवेस्टर्न यूनिवर्सिटी में हुए इस अध्ययन में शराब की मात्रा, सिगरेटों की संख्या और हैंगोवर के लक्षणों पर प्रकाश डाला गया है.

इनमें सामान्य से ज्यादा थकान, सिर दर्द होना, जी मिचलाना और चीजों पर ध्यान केंद्रित करने में होने वाली मुश्किलें, सभी कुछ शामिल है.

'एक्शन ऑन स्मोकिंग एंड हेल्थ' संस्था की शोध प्रबंधक अमांडा स्टैनफोर्ड का कहना है, “चूंकि शराब और तंबाकू दोनों का संपर्क मस्तिष्क की ग्राहियों से होता है. इसलिए इसमें कोई हैरान की बात नहीं है कि धूम्रपान से हैंगोवर का जोखिम बढ़ जाता है.”

संबंधित समाचार