ब्रेस्ट इंप्लांट कांड के बाद कॉस्मेटिक सर्जरी पर बहस

  • 1 जनवरी 2013
Image caption ब्रिटेन में 40 हजार महिलाओं ने ब्रेस्ट इम्प्लांट कराया है.

ब्रिटेन में इन दिनों कॉस्मेटिक सर्जरी को लेकर बहस तेज है और एक सार्वजनिक विमर्श में इसकी लागत और धुआंधार प्रचार पर लगाम कसने की मांग उठी है.

ये बहस साल भर पहले सामने आए ब्रेस्ट इंप्लांट कांड के बाद छिड़ी है. महिलाओं के वक्षस्थल को सुडौल बनाने के लिए ब्रेस्ट इंप्लांट का सहारा लिया जाता है जिसमें सिलिकॉन जैली का इस्तेमाल होता है.

इस विमर्श में मरीजों के अलावा कॉस्मेटिक सर्जरी उद्योग और आम लोगों ने हिस्सा लिया और इस पर एक रिपोर्ट तैयार की गई.

ब्रिटेन की राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा (एनएचएस) के चिकित्सा निदेशक सर ब्रूस कियोग के नेतृत्व में ये समीक्षा की गई.

कॉस्मेटिक सर्जनों का कहना है कि कॉस्मेटिक सर्जरी का प्रचार प्रसार किसी 'वस्तु' की तरह नहीं किया जाना चाहिए.

सर्जरी पर सवाल

ब्रिटेन के स्वास्थ्य मंत्री ने समीक्षा बैठक की रिपोर्ट तैयार करने वाले सर ब्रूस कियोग को कॉस्मेटिक सर्जरी के नियमों और इस दौरान अपनाए जाने वाले सुरक्षा मानकों की समीक्षा करने को कहा है.

यह समीक्षा दरअसल फ्रांस की पॉली इंप्लांट प्रोथेस (पीआईपी) कंपनी के बनाए इंप्लांट से जुड़े सेहत संबंधी जोखिमों को देखते हुए की गई है, जिनका पता एक साल पहले चला.

ब्रिटेन में तकरीबन 40 हजार महिलाओं ने सिलिकॉन इम्प्लांट कराया है और इनमें से ज्यादातर ने ये इंप्लांट राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा के बजाय निजी केंद्रों पर कराया.

इस रिपोर्ट में सर ब्रूस लिखते हैं कि लोगों की राय से जाहिर होता है कि मौजूदा नियम ग्राहकों के अधिकारों और मरीजों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त नहीं हैं.

इस विमर्श में जिन 180 लोगों की राय ली गई उनमें से ज्यादातर ने मांग की कि कॉस्मेटिक सर्जरी के प्रचार पर कड़े नियम लागू होने चाहिए.

टीवी पर दिखने वाले कॉस्टेमिट सर्जरी के विज्ञापनों में इससे जुड़े जोखिमों को अनदेखा कर इस बात पर ही तवज्जो दी जाती है कि सर्जरी के बाद आप कितने सुंदर और सुडौल दिखेंगे.

साथ ही सर्जरी के दामों में रियायतों का खूब जोर शोर से प्रचार होता है जिसके कारण मरीज सर्जरी के जोखिम पर पर्याप्त ध्यान दिए बिना सस्ती सर्जरी की तरफ आकर्षित हो जाते हैं.

एक बात और जो इस पूरे विमर्श में उभर कर आई वो ये कि कॉस्मेटिक सर्जरी के बारे में सलाह देने वाले लोग चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े होने चाहिए. सेल्स सलाहकार या आर्थिक पहलू से जुड़े अन्य लोग सर्जरी के लिए सलाह मशविरे की प्रक्रिया से दूर रखे जाएं.

स्वास्थ्य मंत्री ने कॉस्मेटिक सर्जरी के दौरान इस्तेमाल पदार्थों की गुणवत्ता और सर्जरी के पहले और बाद में मरीज को दी जाने वाली सुविधाओं का भी मूल्यांकन करने कहा है.

लुभावने दावों पर लगाम

Image caption कॉस्मेटिक सर्जरी के विज्ञापनों पर सख्ती की मांग हो रही है

सबरीना इलियट नाम की एक महिला कहती हैं कि 48 घंटों में ब्रेस्ट इम्प्लांट के लिए उनसे जबरन दस्तखत करा लिए गए और उन्हें आजीवन गारंटी भी दी गई, जबकि उन्हें पीआईपी इंप्लांट के बाद तकरीबन हर रोज दर्द और स्राव की दिक्कतें होने लगीं.

वो बताती हैं, “दुर्भाग्य से, अपने शरीर में इन नुकसानदायक पदार्थों को लगवाने के लिए मैंने लगभग चार हजार पाउंड दिए और आज तक मैं इनसे परेशान हूं.”

इंडिपेंडेंट हेल्थकेयर एडवाइजरी सर्विस की सैली टैबर का कहना है कि आक्रामक प्रचार तकनीकें पूरी तरह अनुचित हैं और एनएचएस के सभी सदस्यों ने फैसला किया है कि वो अब ऐसा नहीं करेंगे.

वो कहती हैं कि कुछ ऐसे लोग हैं जो कॉस्मेटिक सर्जरी के क्षेत्र में गलत काम कर रहे हैं लेकिन बहुत अच्छे लोग भी है जो उचित तरीके से ये इंप्लांट करते हैं.

बीबीसी पैनल के डॉक्टर और समीक्षा पैनल के सदस्य रॉसमेरी लियोनार्ड का कहना है कि मरीज को पहले डॉक्टर से बात करनी चाहिए.

उन्होंने कहा, “ये गलत है कि लोग डॉक्टर से संपर्क करने से पहले सेल्स सलाहकार से संपर्क करते हैं.”

इस विमर्श में हिस्सा लेने वालों से कॉस्मेटिक सर्जरी के मौजूदा नियमों के बारे में कई तरह के सवाल पूछे गए.

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