भारत का मंगल अभियान अक्तूबर में

 शुक्रवार, 4 जनवरी, 2013 को 19:51 IST तक के समाचार
मंगल

मंगल ग्रह पर पूर्व में पानी होने के संकेत मिले हैं.

भारत अपने अंतरिक्ष कार्यक्रम के तहत इस साल के अक्तूबर माह में मंगल ग्रह पर अपना यान भेजेगा.

भारत का ये मंगल ग्रह अभियान वहां पर जीवन की तलाश करेगा. साथ ही ये भी जानने की कोशिश होगी कि वहां वायुमण्डल का ख़ात्मा किस तरह से हुआ.

भौतिक अनुसंधान प्रयोगशाला के निदेशक जितेन्द्र नाथ गोस्वामी ने कहा है कि वो इसके लिए कड़ी कोशिश कर रहे हैं कि मिशन अक्तूबर के मध्य तक लॉन्च किया जा सके.

मंगल मिशन की घोषणा प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने पिछले साल अपने स्वतंत्रता दिवस के भाषण में की थी.

पीएसएलवी

ये यान पीएसएलवी-एक्सएल के ज़रिए अंतरिक्ष में श्रीहरिकोटा से छोड़ा जाएगा.

योजना के मुताबिक़ यान धरती की कक्षा से नवंबर के आख़िरी हफ्ते में निकल जाएगा जिसके बाद उसकी 300 दिनों की यात्रा शुरू होगी.

मंगल की कक्षा में पहुंचने के बाद सैटेलाइट में मौजूद रंगीन कैमरा और इंफ्रा-रेड स्पेक्टोमीटर वहां की तस्वीरें लेना प्रारंभ कर देंगे.

जबकि यान में लगा लिम्फा-अल्फ़ा फोटोमीटर वायुमण्डल में मौजूद हाइड्रोजन की मात्रा मापेगा.

कोलकाता में जारी भारतीय विज्ञान कांग्रेस के दौरान जितेन्द्र नाथ गोस्वामी ने पत्रकारों से कहा कि पहले के मिशन में हमें ये पता चला था कि कभी मंगल ग्रह पर पानी हुआ करता था, अब हम ये जानकारी हासिल करने की कोशिश करेंगे कि ये किस तरह ख़त्म हो गया.

गोस्वामी ने बताया, "अभी तक किसी ने ये शोध नहीं किया है कि वहाँ से पानी ख़त्म कैसे हुआ. हम वो करने जा रहे हैं जो अभी तक नहीं किया गया."

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