साइबर हमलों पर लगाम कसेगा साइबर क्राइम सेंटर

हेग में बना यूरोपीयन साइबरक्राइम सेंटर
Image caption हेग में बना यूरोपीयन साइबरक्राइम सेंटर

साइबर अपराधों से लड़ने के लिए यूरोप का पहला केंद्र नीदरलैंड्स में खोला जा रहा है. ये केंद्र ऑनलाइन हमलों, क्रेडिट कार्ड के फर्जी इस्तेमाल और इंटरनेट पर बच्चों के यौन उत्पीड़न को रोकने जैसे मुद्दों पर ध्यान देगा.

इस केंद्र के विशेषज्ञ ट्विटर और फेसबुक जैसे सोशल नेटवर्कों की सुरक्षा को भी बेहतर करेगा.

इस केंद्र में यूरोप भर के विशेषज्ञों की मदद ली जाएगी जो इंटरनेट इस्तेमाल करने वालों को वर्चुअल दुनिया के हमलावरों से बचाएंगे. क्रेडिट कार्ड के फर्जीवाड़े को रोकने पर इन लोगों का खास ध्यान होगा.

ग्रज़ेगोर्ज़ माज़ुरकीवज़ इन्हीं विशेषज्ञों में से एक हैं. वो कहते हैं, “यूरोपीय संघ में कार्ड से सबसे ज्यादा पेमेंट होता है और अनुमान है कि संगठित आपराधिक गुट इसका खूब फायदा उठाते हैं और इसकी वजह से हर साल 1.5 अरब यूरो की चपत लगती है.”

सब कुछ इंटरनेट पर

इस केंद्र में इंटरनेट पर बच्चों के यौन उत्पीड़न को रोकने के लिए भी यूनिट बनाई गई है. लेकिन साइबर अपराधी तभी से सक्रिय हैं, जब से इंटरनेट पर लोगों की सक्रियता बढ़ी है.

ऐसे में इस केंद्र की स्थापना अब क्यों हो रही है, इस पर 'यूरोपीयन साइबरक्राइम सेंटर' के प्रमुख ट्रोएल्स ओर्टिंग कहते हैं, “हमें यूरोपीय साइबर अपराध केंद्र की जरूत है क्योंकि यूरोपीय संघ बहुत हद तक इंटरनेट पर निर्भर है. संघ की 72 प्रतिशत जनसंख्या इंटरनेट से जुड़ी है जबकि दुनिया में ये औसत 34 प्रतिशत है.”

ओर्टिंग आगे बताते हैं, “हम सब कुछ इंटरनेट पर करते हैं. हम सोशल मीडिया पर हैं, इसी के जरिए हम पैसा हासिल करते हैं, इसी पर खरीदारी करते हैं, अपनी सारी जानकारी हम इंटरनेट पर ही रखते हैं, इसी से नई नई बातें सीखते हैं. इसलिए सिर्फ पारदर्शी और मुक्त इंटरनेट होना ही जरूरी नहीं है, बल्कि हमें इंटरनेट की सुरक्षा के उपाय भी करने होंगे.”

इस केंद्र में न सिर्फ साइबर अपराधियों का पता लगाने और उन्हें रोकने पर काम हो रहा है, बल्कि आम लोगों को भी इस बारे में जागरुक करने के तरीके तलाशे जा रहे हैं कि वो खुद को इंटरनेट पर कैसे सुरक्षित रख सकते हैं.

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