वायु प्रदूषण से शिशु पैदा होते हैं कम वज़नी

  • 8 फरवरी 2013
Image caption वायु प्रदूषण का असर बच्चे पर होता है

एक नए शोध के मुताबिक वो गर्भवती महिलाएं जो वायु प्रदूषण वाले इलाकों में रहती हैं, उनसे जन्म लेने वाले शिशु का वजन, सामान्य शिशुओं की तुलना में कम होता है.

एनवायरमेंटल हेल्थ प्रॉस्पेक्टिव ने नौ देशों में तीस लाख से ज्यादा जन्म लेने वाले नवजात शिशुओं का अध्ययन किया.

शोधकर्ताओं का कहना है कि हांलाकि ये दुष्प्रभाव कम स्तर पर देखा गया इसलिए लोगों को अधिक चिंतित होने की जरुरत नही है लेकिन इसके असर ने समग्र रुप से जनसंख्या पर उल्लेखनीय प्रभाव डाला है.

जन्म के समय कम वजन के शिशुओं को आगे चलकर स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ता है और उनकी मौत का खतरा भी बरकरार रहता है.

शोधकर्ताओं का कहना है कि अधिकांश जीवित रहते हैं, लेकिन वयस्क होने पर उनमें मधुमेह और हृदय रोग होने का खतरा बना रहता है.

वायु प्रदूषण और गर्भावस्था पर परिणामों पर काम कर रही अतरराष्ट्रीय सहयोग संस्था ने कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय, सैनफ्रांसिस्को के प्रोफेसर ट्रेसी वुडरुफ और दूसरे सहयोगियों के साथ मिलकर हवाई कणों का मानव श्वसन तंत्र पर प्रभाव को परखा.

स्वास्थ्य समस्याएं

प्रोफेसर वुडरुफ का कहना था, "महत्वपूर्ण बात ये है कि इस अध्ययन से पता चलता है कि वायु प्रदूषण का जो स्तर है, आम तौर पर इसका असर पूरी दुनिया के लोगों पर पड़ा है."

मुक्त विश्वविद्यालय के सांख्यिकीविद् प्रोफेसर केविन कॉनवे का इन निष्कर्षों का समर्थन करते है,

लंदन स्कूल ऑफ हाईजीन एंड ट्रॉपिकल मेडिसन में वरिष्ठ लेक्चरर डॉ. टोनी फ्लेचर, का कहना है, " इस अध्ययन की गुणवत्ता उत्कृष्ट है और निष्कर्ष भी स्पष्ट हैं, हांलाकि प्रत्येक बच्चे पर औसत प्रभाव कम है इसलिए भावी माता पिता के लिए चेतावनी भरा अलार्म नहीं है."

लंदन के पर्यावरण, खाद्य और ग्रामीण मामलों के विभाग का कहना है कि भले ही ब्रिटेन में हवा की गुणवत्ता "आम तौर पर अच्छी है लेकिन अभी उन शहरों में और काम करने की जरूरत है, ताकि वायु प्रदूषण के हानिकारक प्रभावों को कम किया जा सके".

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