पहला स्मार्टफ़ोन सेटेलाइट होगा भारत से लॉन्च

Image caption सेटेलाइट में लगा स्मार्टफ़ोन तस्वीर भी खींचेगा.

विश्व का पहला स्मार्टफ़ोन सेटेलाइट लॉंच के लिए तैयार है. ब्रिटेन में बने स्ट्रैंड 1 नाम के इस सेटेलाइट को छह महीने के मिशन पर अंतरिक्ष में भेजा जाएगा.

स्ट्रैंड 1 सेटेलाइट को कंट्रोल करने के लिए उसमें गूगल नेक्सस फ़ोन लगाया गया है. ससेक्स स्पेस सेंटर और सर्रे सेटेलाइट टेक्नोलॉजी लिमिटेड ने इस प्रोजक्ट पर काम किया है.

इस हफ्ते स्ट्रैंड 1 को भारत भेजा गया है जहां से ये सेटेलाइट 25 फरवरी को अंतरिक्ष में प्रक्षेपित किया जाएगा.

ससेक्स स्पेस सेंटर के ड़ॉक्टर क्रिस ब्रिज कहते हैं, “नेक्सस वन स्मार्टफ़ोन में कोई बदलाव नहीं किए गए हैं. ये देखना दिलचस्प होगा कि आम ज़िंदगी का एक उपकरण अंतरिक्ष में कैसे काम करता है.”

बीबीसी से बात करते हुए डॉक्टर क्रिस ब्रिज ने कहा, “हमने फोन को तोड़ा नहीं है बस हमनें फोन में अपना सोफ्टवेयर डाला और इसे यूएसबी के साथ सेटेलाइट से जोड़ दिया.”

भारत से होगा लॉंच

स्मार्टफ़ोन को साढ़े-चार किलो के एक बक्से में रखा गया है. इस बक्से में एक छेद किया है ताकि पांच मेगापिक्सल का फोन कैमरा धरती और चांद की तस्वीरें ले पाए.

फोन या उसके कुछ हिस्से पहले भी अंतरिक्ष में भेजे जाते रहे हैं लेकिन एक पूरे सेटेलाइट को स्मार्टफोन से लैस कर पहली बार चलाया जा रहा है.

स्ट्रैंड 1 नेक्सस सेटेलाइट पर विज्ञान से जुड़ी हुई कई एप्लिकेशन लगाई गई हैं

आखिर एक स्मार्टफ़ोन को सेटेलाइट पर क्यों लगाया गया. इस सवाल का जवाब में सर्रे सेटेलाइट टेक्नोलॉजी लिमिटेड के प्रमुख वैज्ञानिक डग लिडल कहते हैं, “ऐसा नहीं है कि हम ऐसे ही किसी मोबाइल को तीन करोड़ डॉलर के सेटेलाइट में लगा दिया हो.”

डग लिडल कहते हैं, “ये फोन एंड्रॉयड सॉफ्टवेयर पर काम करता है, ये एक ओपन सोर्स सोफ्टवेयर है. इसे सेटेलाइट में इस्तेमाल करने से ये भविष्य के दरवाज़े खोल सकता है.”

डग लिडल कहते हैं कि अगर ये प्रयोग सफल रहा तो स्पेस सॉफ्टवेयर बनाने का काम चंद खास कंपनियों तक सीमित नहीं रह जाएगा और एंड्रॉयड तकनीक के माध्यम से स्पेस सॉफ्टवेयर डेवलप किए जा सकेंगे.

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