लंबी ज़िंदगी के लिए कितनी कसरत है बेहतर?

धुआंधार व्यायाम

क्या आप जॉगर हैं या मैराथन दौड़ने के शौकीन या अपनी सुबह और शाम आपको तब सबसे ज़्यादा हसीन लगती हैं जब आप पसीना बहा रहे होते हैं. स्वस्थ और जवान रहने का हर किसी को उसका तरीका मुबारक.

पर किस किस्म का व्यायाम है लंबे जीवन के लिए सबसे बेहतर ? क्या छोटा पर धुआंधार व्यायाम ज़्यादा बेहतर है, या फ़िर धीमा और लंबा ज़यादा कारगर व्यायाम है?

एबरडीन विश्वविद्यालय के मस्कयूलोस्केलैटल विभाग के प्रोफ़ेसर डॉक्टर स्टुअर्ट ग्रे कहते है कि दिल की बीमारियों से होने वाली मौतों में कड़े व्यायाम के ज़रिए कमी लाई जा सकती है. डॉक्टर ग्रे कहते है “कड़े व्यायाम के लाभ काफ़ी नाटकीय हैं.”

डॉक्टर ग्रे मानते हैं कि कई विश्वविद्यालय अभी भी “मध्यम दर्जे के व्यायाम को बढ़ावा देते हैं.”

डॉक्टर ग्रे का अध्यन कहता है कि छोटी अवधि में सघन व्यायाम जैसे तेज़ दौड़ना, या पैडल मारना, चाहे वो केवल 30 सेकंड के लिए हो ख़ून में मौजूद चर्बी में कमी लाता है.

ख़ून में मौजूद चर्बी में कमी आना फ़ायदेमंद है क्योकि इसकी वजह से दिल के दौरे की संभावनाएं कम होती हैं.

कैलिफ़ोर्निया का किस्सा

कैलिफ़ोर्निया का ‘रिज़ल्ट्स फ़िटनेस’ जिम यह दावा करता है कि उनका व्यायाम कार्यक्रम दुनिया के आधुनिकतम मेडिकल शोधों पर आधारित है. जिम के संचालक एल्विन और राशेल कॉसग्रोव अपने जिम को फ़िटनेस प्रयोगशाला कहते हैं.

एल्विन कॉसग्रोव बताते हैं, “यहाँ लोग किसी ट्रेनर या मित्र से व्यायाम करना नहीं सीखते यहाँ वो आधुनिकतम मेडिकल शोधों के आधार पर व्यायाम करते हैं.”

एल्विन कॉसग्रोव दावा करते हैं, “हमारा डेटाबेस व्यायाम संबंधी उन आँकड़ों से भरा है जो काम करते हैं.”

इस जिम की मैटाबॉलिक जिम क्लास में हर आदमी की छाती पर हार्ट रेट मॉनिटर लगा रहता है. हर आदमी रुक-रुक कर बेहद कड़े व्यायाम करता है. यह क्लास चर्बी जलाने की नीयत से ही डिज़ायन की गई है.

राशेल कॉसग्रोव बताती हैं कि “हम चाहते हैं कि लोगों की दिल की धड़कन अपनी क्षमता के 85 फ़ीसदी तक काम करे. तय सीमा के बाद लोग तब तक आराम करते हैं जब तक दिल की धड़कन घट कर 75 फ़ीसदी तक ना जाए.”

इस क्लास में बेहद कड़े और सघन व्यायाम किए जाते हैं, मसलन एक भारी गेंद को बेहद ताकत के साथ ज़मीन पर फेंकना या दीवार से बंधे मोटे रस्सों को ज़ोर-ज़ोर से हिलाना.

शोध बताते हैं कि अंतराल में व्यायाम करने से ख़ास तौर पर तब जब आप अपने दिल को उसकी सीमा तक खींचें और दो मिनट से ज़्यादा व्यायाम ना कर पायें तब व्यायाम का सर्वाधिक लाभ होता है.

राशेल कॉसग्रोव का दावा है कि उनके पास पिछले 12 साल में आए हर शख़्स के हर दिन के व्यायाम का डेटा है. अपने इसी अनुभव के आधार पर वो कहती हैं कि छोटे अंतराल में किया गया कड़ा व्यायाम ज़्यादा फ़ायदेमंद होता है.

Image caption कॉसग्रोव की तरह के कार्यक्रम का लाभ महसूस होता है लेकिन किसी लंबी अवधी के शोध के बिना यह एकदम स्थापित कर देना मुश्किल है कि इसका जीवन के लंबे होने पर क्या प्रभाव पड़ता है.

इस जिम में आने वाली सिंडी माडीया कहती हैं “मेरी देह ही मेरी दवा है. अगर मैं इसका ध्यान नहीं रखूँगी तो कोई और यह कतई नहीं करेगा. 60 साल की उम्र में मेरे माँ बाप कहने लगे थे कि वो बूढ़े हो चले हैं मैं यह नहीं चाहती.”

पेशे से पुलिसकर्मी जेम्स माडिया कहते हैं, “मुझे तो भारी भरकम मशीनों पर व्यायाम करने के आगे यह कुछ लगता ही नहीं है. पर मैं तब चकित हो गया जब पिछले दो सालों में कॉसग्रोव के यहाँ मेरे शरीर की चर्बी घट कर 26 से 10 फ़ीसदी रह गई.”

अब भी पूरी तरह तय नहीं

कॉसग्रोव की तरह के कार्यक्रम का लाभ महसूस होता है लेकिन किसी लंबी अवधि के शोध के बिना यह एकदम स्थापित कर देना मुश्किल है कि इसका जीवन के लंबे होने पर क्या प्रभाव पड़ता है.

फिजीशियन एंड स्पोर्ट्स मेडिसिन नाम की पत्रिका में छपे एक शोध में कहा गया है, "अगर बड़ी उम्र के एथलीटों को गहन प्रशिक्षण दिया जाएगा तो वो उच्च स्तर की फिटनेस हासिल कर सकते हैं. एमआरआई स्कैन्स के दौरान यह देखने में आया है कि 70 साल के ट्राइथलॉन में भाग लेने वाले खिलाड़ी की मांसपेशियां उतनी ही मज़बूत हो सकती हैं जितनी की एक 40 साल उम्र के खिलाड़ी की."

एल्विन कॉसग्रोव का कहना है कि "हम चाहते हैं कि इस तरह का शारीरिक गठन किया जा सके कि एक आदमी जीवन के बाद के दौर में भी सही तरह से काम कर सके."

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