नमक कम कर देता है शरीर की प्रतिरोधी ताकत

  • 23 मार्च 2013
Image caption अधिक नमक से हो सकती है गठिए जैसी बीमारी.

एक नए शोध से इस बात के संकेत मिले हैं कि खाने में ज्यादा नमक होने से इंसान की प्रतिरोधी ताकत अपने शरीर के खिलाफ ही विद्रोह कर सकती हैं.

इस तरह की प्रतिक्रिया से कई बीमारियों को बढ़ावा मिलता है जिनमें डाइबिटीज़, गठिया और मल्टीपल स्लिरोसिस यानी एमएस भी शामिल है.

एमएस सेंट्रल नर्वस सिस्टम यानी केंद्रीय तंत्रिकाओं पर हमला करने वाली एक घातक बीमारी मानी जाती है.

वैज्ञानिकों की कई टीम ने नेचर जर्नल पत्रिका में रिपोर्ट प्रकाशित किए हैं जिससे नमक और प्रतिरोधी शक्ति के बीच संबंध का उल्लेख होता है.

इस शोध से संकेत मिलता है कि शरीर का प्रतिरक्षा तंत्र बिल्कुल पलट जाती है जिससे कई गंभीर बीमारियां पैदा हो सकती हैं.

सलाह

हालांकि इस शोध अभी बहुत प्रारंभिक दौर में है और इस पर पुख्ता मेडिकल राय बनाने के लिए और ज्यादा काम की ज़ररूत है. ब्रॉड इंस्टीट्यूट के डॉ. अवीव रेगेव कहते हैं, “हम बस यही कर सकते हैं की हमारे पास जितनी जानकारियां है हम उसे जनता तक पंहुचा सकते हैं. ”

लेकिन जहां ज्यादा नमक से इन बीमारियों का खतरा बढता है, कम नमक खाने से खतरा नहीं है.

इन नतीजों पर राय देते हुए कैम्ब्रिज युनिवर्सिटी के प्रोफेसर एलेस्टेयर कॉम्पस्टन कहते हैं, “ये नहीं कहा जा सकता कि कम नमक लेने से एमएस या दूसरी बीमारी नहीं होगी. नमक बस इन बीमारियों का एक दूसरा कारण हो सकता है.”

शोध के इन नतीजों पर डॉक्टर कहते हैं कि फिलहाल आम लोग सरकार के दिशा निर्देशों का पालन करे और इन शोधों को किसी परिपक्व नतीजों पर पंहुचने से पहले पक्की राय न बना ले.

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