कितना समय देते हैं आप अपने स्मार्टफो़न को?

  • 14 मार्च 2013
स्मार्टफोन
Image caption स्मार्टफोन का प्रयोग करने वाले आधे से ज़्यादा यूज़र्स 25 वर्ष से कम की आयु के हैं.

मोबाइल फोन का इस्तेमाल दुनिया भर में बढ़ा है लेकिन भारत में लोग दिन भर में ढाई घंटा अपने मोबाइल को दे रहे हैं और इसमें से कुछ ही समय कॉल के लिए होता है.

तो फिर आखिर करते क्या हैं फोन पर लोग? नीलसन इनफोर्मेट ने इस संबंध में एक सर्वेक्षण किया और पाया कि लोगों को फोन का इस्तेमाल करने की लत लग गई है.

रिपोर्ट के अनुसार भारतीय अपने स्मार्टफ़ोन के साथ बिताए समय का एक चौथाई से भी कम भाग यानी करीब 18 प्रतिशत समय कॉल और एसएमएस पर लगाते हैं. वहीं 24 प्रतिशत समय ब्राउज़िंग और 21 प्रतिशत ऐप्स के प्रयोग में खर्च किए जाते हैं.

रिपोर्ट के अनुसार स्मार्टफ़ोन का उपयोग करने वाले ज़्यादातर लोगों को इनकी लत लग चुकी है और वो इनका उपयोग कॉल या एसएमएस से ज्यादा गेम खेलने के लिए करते हैं.

स्मार्टफोन पर गेम खेलने के अलावा गाने सुनने या वीडियों देखने समेत दूसरे ऑफलाइन किए गए कामों पर 37 प्रतिशत समय खर्च किए जाते है.

नीलसन की रिपोर्ट के अनुसार स्मार्टफोन का प्रयोग करने वाले आधे से ज़्यादा यूज़र्स 25 वर्ष से कम की आयु के हैं.

सर्वे में पाया गया है कि यूजर्स में एक दूसरे से डिजिटल माध्यम पर जुड़े रहने ही चाहत और सोशल मीडिया के बढ़ते उपयोग के कारण भारत में स्मार्टफ़ोन रखने का चलन भी बढ़ा है.

सस्ते होते स्मार्टफ़ोन और आकर्षक डेटा पैकेज उपलब्ध होने की वजह से भी स्मार्टफ़ोन की बिक्री को मदद मिली है.

ऐप का ‘गेम’

मुंबई में हो रहे फिक्की फ्रेम्स के 14वें संस्करण में बुधवार को इकट्ठा हुए तकनीकी विशेषज्ञों के पैनल के अनुसार आने वाले समय में भारत मोबाइल ऐप के क्षेत्र में एक सुपरपावर बनने का माद्दा रखता है.

विशेषज्ञों के अनुसार भारत में ऐप के क्षेत्र में भारी योगदान की क्षमता है.

हाल ही में जारी किए गए नीलसन के एक रिपोर्ट के अनुसार पेड ऐप्स के बाज़ारों में गेम्स की सबसे ज्यादा डिमांड है. सर्वे के अनुसार गेम सर्च करने वाले हर पांच यूज़र में से तीन गेम खरीद लेता है.

यूजर्स के बीच मैसेंजर और म्यूज़िक स्ट्रीमिंग के ऐप्स पेड कैटेगरी में भी काफी लोकप्रिय हैं. ऐप स्टोर में मैसेंजर या चैंटिंग ऐप्स ढूंढने वाले 53 प्रतिशत लोग इसे खरीद लेतें हैं जबकि 45 म्यूजिक स्ट्रीमिंग ढूंढने वाले 45 फ़ीसदी लोग इन्हे खरीदते है.

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