एलईडी लाइट्स की रोशनी में इमारतें

इनफिनीटी ब्रिज
Image caption लंदन का इनफिनीटी ब्रिज

लाइट बल्ब की खोज ने हमारे घरों को रोशनी दी और हमारी जिंदगी को हमेशा के लिए बदलकर रख दिया.

यह ऐसी दुनिया के लिए खास मायने रखता है जहां ऊर्जा की कम खपत करके ज्यादा रोशनी की जरूरत पूरी करने की चुनौती सामने रहती है.

लेकिन दुनिया के जाने-माने लाइटिंग डिज़ाइनरों में से एक मार्क मेजर मानते हैं कि हम अभी रोशनी से जुड़ी नई तकनीकों के विकास के शुरुआती दौर में हैं.

वह कहते हैं, “तकनीक में हो रहे बदलाव से यह साफ तौर पर मालूम हो रहा है कि यह बड़े परिवर्तन का समय है. जब गैस की जगह बिजली के बल्ब से रोशनी पैदा की गई थी तब भी वैसा ही समय रहा होगा.”

लंदन का सेंट पॉल कैथेड्रल चर्च

Image caption सेंट पॉल कैथेड्रल चर्च की मनोरम छटा देखते ही बनती है.

लेकिन सवाल उठता है कि ऐसी क्या चीज है जो रोशनी को खूबसूरत बनाती है.

और हमारी इमारतों को रोशन करने और सुकून देने वाली रोशनी को लेकर तकनीक की क्या भूमिका हो सकती है.

मार्क ने अपने साथी जोनाथन स्पीयर्स के साथ मिलकर मशहूर इमारतों के आभामंडल को और अधिक खूबसूरत बनाने में उम्दा काम किया है.

जोनाथन अब इस दुनिया में नहीं हैं पर वे दोनों अपने काम के लिए सम्मानित भी किए गए हैं.

लंदन के सेंट पॉल कैथेड्रल चर्च की इमारत की खूबसूरत में चार चांद और गढ़ने के लिए मार्क और जोनाथन को दुनिया भर से सराहना मिली थी.

चुनौतीपूर्ण परियोजना

Image caption अबू धाबी की शेख ज़ईद मस्जिद धार्मिक महत्व की महत्वपूर्ण इमारत है.

उन्होंने कहा,“सेंट पॉल कैथेड्रल चर्च की परियोजना पर काम करना हमारे लिए बड़े सम्मान की बात थी.”

मार्क कहते हैं,“हमने अब तक जितनी भी परियोजनाओं पर काम किया है उनमें सेंट पॉल कैथेड्रल चर्च शायद सबसे ज्यादा चुनौतीपूर्ण था. लाइटिंग से जुड़ी साज-सज्जा को पूरा करने में हमें पांच साल लग गए.”

लंदन की चहल-पहल के बीच हलकी रोशनी में भीगे इस चर्च की इमारत को देखकर सुकून का एहसास मिलता है और मार्क और जोनाथन की मेहनत का नतीजा है.

एलईडी क्रांति

Image caption लेड लाइट्स के चलन ने रोशनी की साज-सज्जा के काम को कई आयाम दिए हैं.

परंपरागत तौर पर इस्तेमाल में आने वाले फिलामेंट बल्बों से प्रयोग की बहुत ज्यादा गुंजाइश नहीं थी.

‘लाइट एमिटिंग डियोड’ तकनीक या बोलचाल की भाषा में कहे जाने वाले एलईडी बल्ब के आने से रोशनी के काम में कई तरह की सुविधाएं आ गईं.

मार्क कहते हैं,“मोमबत्तियों से गैसलाइट्स तक हमने लंबा सफर तय कर लिया है. एलईडी रोशनी से जुड़े हमारे काम को बुनियादी तौर पर बदल रहा है.”

उन्होंने कहा,“ये छोटे होते हैं. सुखद एहसास देते हैं. और लेड रोशनी की तकनीक में आए सुधार की वजह से यह तेज रोशनी देता है. इसकी रोशनी भी दूर तक जाती है. एलईडी की रोशनी में रंगों का बेहतर ताल-मेल बनता है.”

निराशाजनक पहलू

Image caption कॉपेनहेगन का ओपेरा हाउस दुनिया की भव्य इमारतों में शुमार होता है.

हालांकि मार्क के मुताबिक इस क्रांति के कुछ निराशाजनक पहलू भी हैं.

मार्क कहते हैं,“हम दुनिया में जितनी भी रोशनी ले आएं लेकिन इसके साथ ही चुनौतियां भी शुरू हो जाती है.”

उन्होंने कहा,“इस बात को लेकर शोध किए जा रहे हैं एक अच्छी चीज से जुड़ी कई बातें हो सकती हैं लेकिन हम सभी रोशीन से जुड़े प्रदूषण के बारे में जानते हैं.”

मार्क साफ करते हैं कि इसका असर सिर्फ मानव समुदाय पर ही नहीं पड़ेगा. रोशनी के साथ कई और चीजें भी जुड़ जाती हैं. ज्यादा रोशनी का असर कुछ जीवों की जीवन शैली, उनके खान-पान और प्रजनन के तौर तरीकों पर भी पड़ता है.

मार्क कहते हैं,“ताकि हम अपनी जिंदगी को और समृद्ध बना सकें लेकिन हमें अपने काम काज के तौर तरीकों को लेकर बेहद सावधानी बरतनी होगी.”

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