पॉर्न साइट्स का दावा: देखने में ख़तरा नहीं

  • 16 अप्रैल 2013
Image caption पॉर्न वेबसाइट्स ने विज्ञापनों से उपभोक्ताओं के लिए ख़तरा होने की बात से इनकार किया है.

पॉर्न वेबसाइट्स ने इस आरोप से इनकार किया है कि उनमें उपभोक्ताओं के कंप्यूटर में ख़तरनाक सॉफ़्टवेयर डालने वाले विज्ञापन होते हैं.

पिछले हफ्ते बीबीसी ने ख़बर दी थी कि दो मशहूर पॉर्न वेबसाइट्स देखने में काफ़ी ख़तरा है.

शोधकर्ता कॉनराड लॉंगमोर ने वेबसाइटों की नुक़सानदायक सामग्री का नियमित विश्लेषण करने वाली गूगल की सुविधा का सहारा लेकर निष्कर्ष निकाले थे.

बढ़ा चढ़ा कर बताया ख़तरा

जिन दो वेबसाइट्स का नाम लिया गया है उनमे से एक पॉर्नहब का कहना है कि ख़तरे के आंकड़ों को ‘बहुत बढ़ा-चढ़ा कर’ पेश किया गया है.

दूसरी वेबसाइट, एक्सहेम्सटर, ने ‘भूतकाल में’ उसे यह दिक्कत हुई थी लेकिन कहा कि अब ज़्यादा सख्त प्रणाली का इस्तेमाल किया जा रहा है.

वेबसाइट के प्रवक्ता ने ईमेल में कहा है , “पहले हुई दिक्कत की वजह से हमने एक विज्ञापन एजेंसी के साथ करार ख़त्म कर दिया है. अब हमारे भरोसेमंद सहयोगी सभी विज्ञापनदाताओं की सख्ती से जांच कर रहे हैं और अब एक्सहेमस्टर पर ख़तरनाक कार्यक्रम के साथ नई साइट डालना असंभव है.”

गड़बड़ तो है

शोध को अपने ब्लॉग पर प्रकाशित करने वाले लॉंगमोर ने पॉर्नसाइट के जवाब को एक “खंडन के नाम पर खंडन” करार दिया.

वह कहते हैं, “दिखाने के लिए आंकड़े तैयार हैं, लेकिन वहां एक हफ़्ते पहले गड़बड़ थी और आज भी गड़बड़ हो सकती है.यकीनन वहां कल भी गड़बड़ हो सकती है.”

लॉंगमोर का शोध गूगल की डायग्नोस्टिक सर्विस पर आधारित थी जो वेब पेजों को अच्छी तरह पढ़कर उसमें नुक्सानदायक समाग्री को परखता है और 90 दिन की पुनरीक्षण रिपोर्ट देता है.

गूगल के अनुसार एक्सहेमस्टर में ‘संदिग्ध’ सामग्री 6 अप्रैल को भी पाई गई थी.

आंकड़ों के अनुसार पॉर्नहब में ‘संदिग्ध’ सामग्री पिछली बार 28, जनवरी को पाई गई थी.

पॉर्नहब के मालिकाना हक़ वाली कंपनी मैनविन की एक प्रवक्ता के अनुसार, “पॉर्नहब के अपने आंकड़ों के अनुसार तीन महीने में इसकी वेबसाइट पर दिखाए गए विज्ञापनों में सिर्फ़ 0.003% ही संभावित ख़तरा था.”

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