क्या होती है साइबर बुलिंग और इससे कैसे बचें?

  • 3 मई 2013
Image caption साइबर बुलिंग पर ये लाइव चैट बीबीसी हिनदी की सोशल मीडिया टीम ने संचालित की.

साइबर बुलिंग’, यानि गंदी भाषा, तस्वीरों या धमकियों से इंटरनेट पर तंग करना: आम होती जा रही इस समस्या से निपटने के तरीके जानने के लिए बीबीसी हिन्दी ने साइबर एक्सपर्ट्स के साथ फेसबुक चैट किया.

अगर आप इससे ना जुड़ पाए हों तो पेश हैं क्रिमिनॉलॉजी के प्रोफेसर के जयशंकर और वकील देबरती हलदर की ओर से दिए गए ये जवाब.

Sanjay Kumar Rai – फेसबुक पर बहुत से पेज ऐसे हैं जिनपर सभी धर्मों और उनके देवी-देवताओं पर अशोभनीय कमेंट किए गए हैं, उन्हें कैसे रोका जा सकता है.

एक्सपर्ट – भारतीय दंड संहिता की धाराओं के तहत कोई भी व्यक्ति किसी धर्म के बारे में आहत करने वाली टिप्पणी नहीं कर सकता. ये कानून दंगों को ध्यान में रखते हुए बना था. ऐसी टिप्पणियों के लिए उपाय ये है कि ऐसे कमेंट्स के आने पर पुलिस को जानकारी दी जानी चाहिए. ऐसे कई मामले हैं जहां लोग पुलिस के पास गए हैं और शिकायत दर्ज की गई है. फेसबुक पर भी ‘रिपोर्ट अब्यूज़’ पर जाकर रिपोर्ट किया जा सकता है. लेकिन मामला अत्यंत गंभीर हो तो पुलिस के पास जाना चाहिए.

Dipu True – अगर किसी की प्रोफाइल पर ना लिखा हो तो उसकी लोकेशन कैसे जानें?

एक्सपर्ट - प्रोफाइल लोकेशन का पता लगाने के लिए आपको भाषा पर ध्यान देना होता है कि कोई प्रोफाइल किस तरह की भाषा इस्तेमाल कर रहा हैं. चूंकि फेसबुक में आईपी एड्रेस नहीं खोजा जा सकता इसलिए वकील की मदद लेनी होगी. कोर्ट में केस फेसबुक के ख़िलाफ दायर होता है जो उन्हें मज़बूर करता है कि प्रोफाइल की असली लोकेशन बताई जाए.

Mo Arif Aziz – फेसबुक पर ‘फेक आईडी’ चलाना आजकल आम बात हो गई है, और उससे सही और ग़लत आदमी का पता लगा पाना मुश्किल हो जाता है. ऐसे में क्या किया जाए?

एक्सपर्ट – ‘फेक आईडी’ एक बड़ी समस्या है. ‘फेक आईडी’ के ज़रिए सेक्स से जुड़े मैसेज भेजते हैं या फिर बहुत खराब भाषा का इस्तेमाल करते हुए धमकी भेजते हैं. जिसके नाम पर ये फेक आईडी हैं अगर आप उस आदमी को जानते हैं या वो आपका परिचित है तो उनसे बात करनी चाहिए और फेसबुक से फेक आईडी की रिपोर्ट की जानी चाहिए. जिसके नाम से फेक आईडी बना है उसकी पुलिस से शिकायत करनी चाहिए.

Image caption इस चैट के लिए हमारे एक्सपर्ट थे क्रिमिनॉलॉजी के प्रोफेसर के. जयशंकर और वकील देबरती हलदर.

Rajeev Ranjan Bharti – अगर कोई साइबर बुलिंग करे, तो क्या करना चाहिए?

एक्सपर्ट – साइबर बुलिंग से निपटने के दो तरह के विकल्प हैं. कानून की मदद से और निजी स्तर पर. 1. अगर किसी फोरम पर कोई आपको तंग कर रहा है तो उस फोरम से निकल जाइए. 2. अगर फिर भी आपको तंग किया जाए तो फेसबुक को रिपोर्ट करें हालांकि फेसबुक इस पर कोई एक्शन नहीं लेता. 3. अगर धमकी मिले जैसा कि कविता कृष्णन और मीना कंडासामी को मिली तो इस पर पुलिस में रिपोर्ट दर्ज की जानी चाहिए. 4. अगर पुलिस एक्शन न ले तो सीधे वकील के ज़रिए केस दायर किया जा सकता है.

बीबीसी हिंदी का सवाल- महिलाओं के साथ अगर बुलिंग हो तो वो कानून में किन धाराओं का सहारा ले सकती हैं.

एक्सपर्ट – पहला तो सेक्शन 509 कहता है कि शब्द या गतिविधि या संकेत अगर महिलाओं की मॉडेस्टी को भंग करता है तो इसके खिलाफ मामला दर्ज हो सकता है. ये बुलिंग के लिए इस्तेमाल होने वाले शब्दों पर भी लागू होता है. क्योंकि महिलाओं के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल अपराध है. सेक्शन 66 ए का क्लाज़ बी बुलिंग के लिए ठीक बैठता है. ये कानून इंटरनेट से जुड़े क़ानूनों का हिस्सा है. इनमें तीन साल तक की सज़ा होती है. कई बार पुलिस को इन कानूनों के बारे में पता नहीं होता है. ऐसे में प्रिंटआउट लेकर जाएं और उन्हें दिखाएं.

Neelabh Rai – कई बार साइबर प्रोपेगैंडा के मक़सद से किसी इंसान के प्रति गलत अफवाहों को फेसबुक या अन्य सोशल नेटवर्किंग वेबसाइट्स पर फैलाया जाता है. ऐसे मामलों में जब उस संदेश को फेसबुक को "रिपोर्ट एब्यूज़" करके भेजा जाता है तो जवाब आता है कि " हमारे मापदंडों के आधार पर कुछ भी गलत नहीं पाया गया". ऐसे मामलों को कैसे निपटा जाए?

एक्सपर्ट – फेसबुक ऐसी टिप्पणियों को तवज्जो इसलिए नहीं देता है क्योंकि फेसबुक पर अमरीकी कानून लागू होता है. लेकिन भारतीय कानून के अनुसार ऐसे मामलों में मानहानि का मामला बनता है. सीधे पुलिस में शिकायत होनी चाहिए. इसमें सूचना प्रसारण का कानून भी लग सकता है. ऐसे मामले में दोनों कानून साथ साथ चलेंगे.

Dhiraj Kumar – मेरी दोस्त पूजा को एक लड़का गंदे संदेश और गालियां लिखकर भेजता है, इस समस्या से कैसे निपटें?

एक्सपर्ट – ये संभवत लड़की को परेशान करने का मामला है. पुलिस में रिपोर्ट दर्ज की जानी चाहिए. पूजा को अपना फेसबुक डिऐक्टिवेट करना चाहिए लेकिन इसके अलावा ‘प्राइवेसी सेटिंग्स’ में जाकर बदलाव करें ताकि मेसेज भेजने वाले आपको ऐसे संदेश न भेज पाएं. अगर गंदे संदेश भेजने वाला आदमी आपके फ्रेंड लिस्ट में है तो उसे ब्लॉक किया जा सकता है ताकि वो संदेश न भेज पाए.

Image caption साइबर बुलिंग की पुलिस में शिकायत करने के लिए भारत के मौजूदा कानून में भी प्रावधान हैं.

ट्विटर से सवाल @Ritwik J Gandhe - आप लोग सागरिका घोष के मामले को इतना तूल क्यों दे रहे हैं?

एक्सपर्ट – सागरिका, कविता और मीना कंडासामी के जो मामले हैं वो प्रकाश में आए हैं. यह सब बड़ी हस्तियों के साथ हुआ, और इन्होंने आवाज़ उठाई तो इनके बारे में पता चला है. हमारे साइबर सेल में कई महिलाओं ने शिकायत की है कि फेक आईडी के ज़रिए पोर्न वेबसाइट पर उनके नाम डाले गए हैं, गालियां दी गई हैं. मैं बीबीसी को धन्यवाद देती हूं कि इनके ज़रिए ये महिलाएं सामने आईँ और अन्य पीड़ित महिलाओं को हौंसला दिया कि वो अकेली नहीं हैं.

Megha Shree – फेसबुक पर अगर कोई ज़बरदस्ती दोस्त बनना चाहे, तो उसे ब्लॉक करने के सिवाय और क्या विकल्प हो सकता हैं?

एक्सपर्ट – आप उस प्रोफाइल को रिपोर्ट कर सकते हैं लेकिन ब्लॉक कर देने पर वो आपको देख नहीं पाएगा तो फिर वो आपको दोस्त बनाने की कोई कोशिश कर ही नहीं पाएगा. फेसबुक से शिकायत भी कर सकते हैं कि ये प्रोफाइल आपको परेशान कर सकता है.

Dhiraj Kumar – जब कोई बीबीसी के पन्ने पर गालियां देता है तो बीबीसी उनके विरुद्ध ऐक्शन क्यों नहीं लेता? जब लोकतंत्र का चौथा स्तम्भ ही चुप रहेगा तो इससे गंदी मानसिकता के लोगों को बढ़ावा नहीं मिलेगा?

बीबीसी का जवाब – इस पन्ने के ज़रिए हमने एक समुदाय बनाया है जहां स्वस्थ बहस हो सके और इसे इस्तेमाल करने वाले लोग भी इसकी ज़िम्मेदारी लें. हम बहसों पर नज़र रखते हैं, दिन में एक से दो बार मॉडरेट करते हैं. हमने लोगों को चेतावनी भी दी हैं और अगर चेतावनी के बाद भी अगर किसी ने गलत भाषा जारी रखी है तो हमने ऐसे लोगों को ब्लॉक भी किया हैं.

(नोट - चैट को संपादित कर उसके मुख्य सवालों को रखा गया है)

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