आ रहा है 4जी से कई सौ गुना तेज 5जी

Image caption सैमसंग की यह तकनीक 2020 तक बाज़ार में आ सकती है

सैमसंग ने कहा है कि उसने एक तकनीक विकसित की है, जो 5जी की बुनियाद में होगी. कंपनी का कहना है कि यह तकनीक 4जी मोबाइल संचार मानकों का स्थान लेगी.

दक्षिण कोरियाई कंपनी सैमसंग ने कहा है कि यह उपकरण दो किमी की दूरी तक से डाटा को एक जीबी प्रति सेकेंड के दर से भेज सकने में सक्षम है.

कंपनी ने अपने बयान में कहा है कि यह तकनीक 2020 तक बाज़ार में आ सकती हैं. इसके जरिए 4जी की तुलना में कई सौ गुना अधिक स्पीड से डाटा ट्रांसफ़र होगा.

बयान में कहा गया है कि इस तकनीक के बाज़ार में आ जाने से इसके उपभोक्ता थ्रीडी फ़िल्मों और वीडियो गेम, अल्ट्रा हाई डिफनेशन (यूएचडी) के वीडियो के सजीव प्रसारण और दूरस्थ मेडिकल सुविधाओं का लाभ उठा पाएंगे.

इस तकनीकी के उपयोग से चलते-फिरते हुए भी अल्ट्रा हाई डिफिनेशन (यूएचडी) वीडियो को देखा जा सकता है.

हालांकि एक विशेषज्ञ ने कहा है कि इस ख़बर को अभी एक विशेष संदर्भ में ही देखा जाना चाहिए.

बड़ी परियोजना

सरे विश्वविद्यालय में 5जी से संबंधित शोध के प्रमुख प्रोफ़ेसर रहीम तफ़ेज़ोली कहते हैं कि अगर इस नई विकसित तकनीक का इस्तेमाल भी किया गया तो भी यह बहुत बड़ी 5जी तकनीकी का एक बहुत छोटा सा हिस्सा ही होगी.

प्रोफ़ेसर तफ़ेज़ोली के शिष्य 5जी मानकों के विकास की एक साढ़े तीन करोड़ डॉलर की परियोजना पर काम कर रहे हैं. इसका कुछ हिस्सा सैमसंग ने प्रायोजित किया है.

हालांकि प्रोफ़सर तफ़ेज़ोली कहते हैं कि 5जी के मानकों को पूरी तरह तय किए जाने में अभी कुछ और साल लगेंगे.

प्रोफ़ेसर तफ़ेज़ोली के इस शोध को सैमसंग, हुवावेई, फ़ुजीत्सु लैबोट्रीज और ब्रिटिश सरकार और कुछ अन्य संस्थाओं ने सहयोग दिया. इस शोध से कुछ काम जापान, चीन और कुछ और जगहों पर हुआ.

संयुक्त राष्ट्र की 2015 में होने वाली वर्ल्ड रेडियो कम्युनिकेशन कांफ्रेंस में इस बात पर चर्चा की जाएगी कि रेडियो स्पेक्ट्रम के किस हिस्से का उपयोग किया जाए.

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