एक-दूसरे को बचा रहे हैं कंप्यूटर वायरस

Image caption वायरस कंप्यूटर से महत्वपूर्ण जानकारी निकाल सकते हैं

माइक्रोसॉफ़्ट के एक शोध से पता चला है कि दो ऐसे कंप्यूटर वायरस जो आपस में मिलकर काम कर रहे हैं उन्हें संक्रमित कंप्यूटर से निकालना मुश्किल साबित हो रहा है.

ये दो कंप्यूटर वायरस ऐसे हैं जो आपस में गठजोड़ कर एक दूसरे को बचाने में मदद करते हैं और एक दूसरे के नए संस्करण को नियमित रूप से डाउनलोड कर कंप्यूटर में बने रहते हैं.

एंटी-वायरस प्रोग्राम्स को सामान्यतः इन नए संस्करणों के बारे में पता नहीं होता जिससे यह मालवेयर (ख़तरनाक प्रोग्राम) कंप्यूटर में बने रहते हैं.

‘ऑटो रन’ बंद रखें

एक बार कंप्यूटर में घुसने के बाद ये वायरस चोरों को कंप्यूटर में घुसने का रास्ता दे देते हैं जिससे ऐसे आंकड़े चुराए जा सकें जिन्हें बेचा जा सकता है या स्पैम मेल भेज दें या फिर दूसरे कंप्यूटरों पर वायरस हमले कर सकें.

दोनों वायरसों के बीच इस संबंध के बारे में माइक्रोसॉफ़्ट मालवेयर (ख़तरनाक प्रोग्राम) रिसर्च टीम के ह्यून चोई ने एक ब्लॉग पोस्ट में खुलासा किया.

चोई ने कहा कि दो विंडोज़ वायरस वोबफ़स और बीबोन नियमित रूप से साथ पाए गए.

उन्होंने कहा कि वोबफ़स मशीन में पहले पहुंचता है और उसे संक्रमित करने के लिए कई तरह की तरकीबें अपनाता है.

यह वेबसाइट्स पर ललचाने वाले लिंक के माध्यम से कंप्यूटर में पहुंच सकता है, कंप्यूटर नेटवर्क में एक मशीन से दूसरी मशीन में जा सकता है या यूएसबी ड्राइव के माध्यम से कंप्यूटर में घुस सकता है.

Image caption एंटी वायरस प्रोग्राम्स को लगातार अपडेट करना ज़रूरी है

एक बार कंप्यूटर में घुसने के बाद वोबफ़स बीबोन को डाउनलोड कर लेता है जो कंप्यूटर को कई संक्रमित कंप्यूटरों के बेड़े में शामिल कर देता है.

इसके बाद दोनों एक-दूसरे से मिलकर काम करने लगते हैं और अपने साथी के नवीनतम संस्करणों को डाउनलोड करने लगते हैं.

चोई कहते हैं कि कंप्यूटर में बने रहने के लिए यह एक बेहद मज़बूत कार्यप्रणाली है.

वह कहते हैं, “अगर हम बोवफ़स की पहचान कर उसे हटा देते हैं तो संभव है कि उसने एक ऐसा बीबोन प्रोग्राम डाउनलोड कर रखा हो जिसकी पहचान नहीं हुई है. वह बीबोन वोबफ़स के नए संस्करण को डाउनलोड कर सकता है.”

चोई के अनुसार दोनों के आपसी संबंध की वजह से 2009 में पहली बार पहचान के बाद से ही वोबफ़स दिक्कत बना हुआ है.

वह कहते हैं कि दोनों वायरसों से एक साथ निपटना आसान नहीं होता क्योंकि वोबफ़स नेटवर्क के माध्यम से आवाजाही में माहिर है.

वह सलाह देते हैं कि न सिर्फ़ अपने सॉफ़्टवेयर को अपडेट रखें बल्कि विंडोज़ के “ऑटोरन” फ़ीचर को भी बंद रखें क्योंकि यूएसबी ड्राइव के माध्यम से कंप्यूटर में पहुंचने के बाद वोबफ़स इसी का इस्तेमाल करता है.

वह इंटरनेट पर ललचाने वाले लिंक का इस्तेमाल करने से भी बचने की सलाह देते हैं.

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