किडनी की रक्षा करेगा अल्ट्रासाउंड

ऑपरेशन थिएटर में डॉक्टर
Image caption गंभीर सर्जरी के बाद ‘एक्यूट किडनी इंज्यूरी’ की तकलीफ हो सकती है.

अक्सर ऐसा देखा जाता है कि कुछ मामलों में गंभीर किस्म की सर्जरी के बाद किडनी की तकलीफ की संभावना रहती है. अब अनुसंधानकर्ताओं का कहना है कि किडनी खराब होने के ऐसे मामलों की रोकथाम में अल्ट्रासाउंड तकनीक का इस्तेमाल किया जा सकेगा.

'जर्नल ऑफ दि अमरीकन सोसायटी ऑफ नेफ्रोलॉजी' में प्रकाशित इस शोध के मुताबिक यह प्रयोग चूहे पर किया गया था.

किडनी टेस्ट कराना

लेकिन अनुसंधान से जुड़े लोगों ने कहा है कि किडनी की तकलीफों का इलाज साधारण और पहले से तयशुदा होने की वजह से मानव अध्ययनों में तेजी से बदलाव हो सकता है.

जानकारों के मुताबिक यह अध्ययन इलाज के नए तरीकों पर रोशनी डाल सकता है.

'एक्यूट किडनी इंज्यूरी' किडनी की तकलीफ की उस अवस्था को कहते हैं जब वह अचानक काम करना बंद कर दे. इस समस्या का सामना किसी भी ऐसे बीमार आदमी को करना पड़ सकता है जो न्यूमोनिया या डायरिया से संक्रमित हो या जिसे दिल का दौरा पड़ा हो.

टेस्ट करेगा ऐप

दिल के ऑपरेशन जैसी किसी गंभीर सर्जरी के बाद 'एक्यूट किडनी इंज्यूरी' की तकलीफ हो सकती है. इसकी वजह यह है कि ऑपरेशन के दौरान किडनी को मिलने वाला सामान्य रक्त प्रवाह रुक जाता है.

एक बार इस तकलीफ के हो जाने पर इलाज के कुछ ही विकल्प उपलब्ध है.

'बचाव'

युनिवर्सिटी ऑफ वर्जिनिया की एक टीम ने एक चूहे की अल्ट्रासाउंड मशीन से सामान्य जाँच की. जाँच से 24 घंटे पहले उसके किडनी में खून की आपूर्ति रोक दी गई थी और उसे अनस्थीसिया (बेहोश करने वाली मे़डिकल प्रक्रिया) दिया जा चुका था.

उन्होंने पाया कि रक्त की आपूर्ति बहाल कर दिए जाने के बाद भी चूहे का किडनी स्वस्थ अवस्था में था.

लैब में किडनी

Image caption अल्ट्रासाउंड जाँच से शरीर में कुछ ऐसे बदलाव होते हैं जिनसे किडनी का बचाव होता है.

लेकिन जब यह तरीका एक अन्य चूहे पर अपनाया गया और उसका अल्ट्रासाउंड ठीक से नहीं किया गया तो शोध कर रही टीम ने देखा कि उसके किडनी को होने वाले रक्त प्रवाह को रोकने से उसकी किडनी को बड़ा नुकसान हुआ.

शोध से जुड़े लोगों का कहना है कि अल्ट्रासाउंड जाँच से शरीर में कुछ ऐसे बदलाव होते हैं जिनसे किडनी का बचाव होता है.

अध्ययन का नेतृत्व करने वाले डॉक्टर मार्क ओकुसा कहते हैं, "हमने ऐसी अल्ट्रासाउंड तकनीक इस्तेमाल की थी जिनसे नुकसान कम होता हो. इससे मिले नतीजों से हमें पता चला है कि यह ‘एक्यूट किडनी इंज्यूरी’ की रोकथाम में आसान, प्रभावशाली, विषहीन और कारगर तरीका है."

मोटे लोगों की किडनी

उन्होंने कहा, "जहाँ तक हमें पता है कोशिकाओं और उत्तकों के बचाव के मामले में ऐसी कोई बात पहले कभी सामने नहीं आई है."

डॉक्टर मार्क ओकुसा कहते हैं, "हमें संदेह है कि जिस वजह से 'एक्यूट किडनी इंज्यूरी' की समस्या होती है, वही कारण फेफड़े, दिल और जिगर से जुड़ी तकलीफों के पीछे भी हो सकते हैं. यह तरीका शरीर के अन्य अंगों से जुड़ी तकलीफों से बचाव में भी कारगर हो सकता है. यह दिलचस्प हैं."

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