क्या आसान होगा रात में काम करना?

"लाल रौशनी में खुश रहेंगे रात्रि पारी के लोग"
Image caption "लाल रौशनी में खुश रहेंगे रात्रि पारी के लोग"

अमरीकी वैज्ञानिकों का कहना है कि रात की शिफ़्ट में काम करने वाले कर्मचारी लाल रोशनी में काम करने में बेहतर महसूस करेंगे.

जनरल ऑफ़ न्यूरोसाइंस में छपे शोधपत्र के अनुसार नीली और सफ़ेद रोशनी में रखे गए हैमस्टर (चूहे जैसा जानवर) उदास हो गए थे जबकि अंधेरे और लाल रोशनी में रखे गए हैमस्टर ख़ुश थे.

वैज्ञानिकों का कहना है कि शोध के परिणाम रात को काम करने का बेहतर माहौल बनाने में मददगार हो सकते हैं.

रोशनी के अदभुत रंग

अमरीका के शोधकर्ताओं ने आँखों में रोशनी के लिए संवेदनशील कोशिकाओं पर विभिन्न तरह के रंगों के प्रभाव को समझने की कोशिश की है. यह कोशिकाएं सीधे दिमाग को संकेत के रूप में संदेश भेजती हैं, जिससे दिमाग रोज़मर्रा की चीज़ों के लिए प्रतिक्रियाएं दे पाता है.

"यह सिद्धांत मनुष्यों पर भी लागू"

Image caption "सफेद रौशनी में रखे गए हैमस्टर खुश नहीं दिखे."

यह शोध चूहे जैसे दिखने वाले जीव हैमस्टर पर किया किया गया. इसमें पता चला कि रात को सफ़ेद या नीली रोशनी में रखने पर हैमस्टर का दिमाग कम काम कर रहा था. उनमे अवसाद के लक्षण भी दिखे. अंधेरे में या लाल रोशनी में रखे गए हैमस्टर खुश दिखे.

वैज्ञानिकों का दावा है कि यह सिद्धांत मनुष्यों पर भी लागू होता है. उनका मानना है कि रात्रि पारी में काम करने वालों के लिए दफ्तर में लाल रोशनी होनी चाहिए. रात को काम करते हुए कंप्यूटर या टीवी की स्क्रीन पर भी नीली रोशनी से बचना चाहिए.

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